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बॉलीवुड का पहला सबसे खतरनाक विलेन, जो असल जिंदगी में था फ्रीडम फाइटर; 150 से ज्यादा फिल्मों में किया नेगेटिव रोल

भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी खूंखार विलेन्स की बात होती है, तो गब्बर या मोगैम्बो के नाम जुबान पर आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर बुराई को चेहरा देने वाले सबसे पहले 'ऑफिशियल' विलेन कौन थे? वह थे हीरालाल ठाकुर. एक ऐसे अभिनेता जिन्होंने न केवल विलेन के किरदार को स्टाइल दिया, बल्कि असल जिंदगी में देश की आजादी के लिए भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जंग भी लड़ी.

मूक फिल्मों से शुरू हुआ 'विलेन' का सफर- हीरालाल ठाकुर ने अपने करियर की शुरुआत साइलेंट (मूक) फिल्मों के दौर में की थी. साल 1928 में आई फिल्म 'डॉटर्स ऑफ टुडे' से उन्होंने अपना डेब्यू किया. इसके बाद बॉलीवुड फिल्म 'बादल' में उन्होंने मशहूर अभिनेत्री मधुबाला के साथ विलेन का किरदार निभाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई.

भगत सिंह के साथी और फ्रीडम फाइटर- एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले हीरालाल एक समर्पित देशभक्त थे. वह शहीद भगत सिंह के साथ क्रांतिकारी आंदोलनों में सक्रिय रहे. फिल्मों की चकाचौंध के बीच भी उनके भीतर देश के लिए मर-मिटने का जज्बा कभी कम नहीं हुआ. वह उन गिने-चुने सितारों में से थे जिन्होंने अभिनय और आजादी की लड़ाई को साथ-साथ जिया.

अपने दौर के सबसे महंगे और डिमांडिंग एक्टर- हीरालाल ठाकुर ने अपने 50 साल लंबे करियर में 150 से अधिक फिल्मों में काम किया. उस जमाने में वह सबसे महंगे विलेन माने जाते थे. उनके बारे में यह मशहूर था कि जिस फिल्म में 'हीरालाल दा' होते थे, उसका हिट होना तय माना जाता था. लोग उन्हें पर्दे पर देखने के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लगाते थे.

पाकिस्तानी सिनेमा (लॉलीवुड) की नींव रखी- विभाजन से पहले लाहौर फिल्म इंडस्ट्री का बहुत बड़ा केंद्र था. हीरालाल ठाकुर ने वहां की फिल्म इंडस्ट्री को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी. आज जिसे हम पाकिस्तानी सिनेमा या 'लॉलीवुड' कहते हैं, उसकी शुरुआती नींव रखने वाले प्रमुख कलाकारों में हीरालाल ठाकुर का नाम सबसे ऊपर आता है.

खूंखार छवि, पर सरल स्वभाव- पर्दे पर उनकी एंट्री होते ही लोग खौफ के मारे कांप जाते थे, लेकिन असल जिंदगी में वह बेहद सरल, नेक और मिलनसार इंसान थे. उन्होंने आधी सदी तक फिल्म जगत पर राज किया और विलेन के किरदारों को वह गरिमा और रुतबा दिया जो पहले कभी नहीं देखा गया था.