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35 रुपये दिन का कमाने वाला ये डायरेक्टर आज है 3,00,00,00,000 का मालिक, इंडस्ट्री को दी हैं कई सुपरहिट फिल्में

आज रोहित शेट्टी बॉलीवुड के इकलौते ऐसे निर्देशक हैं जिनके नाम पर फिल्में बिकती हैं. उनका 'कॉप यूनिवर्स' दर्शकों के बीच एक ब्रांड बन चुका है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने जो कीमत चुकाई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है. 17 साल की उम्र में जब लड़के कॉलेज की लाइफ एन्जॉय करते हैं, तब रोहित शेट्टी फिल्म सिटी की चिलचिलाती धूप में ₹35 की दिहाड़ी पर काम कर रहे थे. यह कहानी उस लड़के की है जिसने बस के किराए और खाने के बीच चुनाव करते हुए अपनी किस्मत खुद लिखी. आज ₹300 करोड़ की संपत्ति के मालिक रोहित शेट्टी उन करोड़ों युवाओं के लिए मिसाल हैं, जो छोटे सपनों के साथ बड़े शहर आते हैं.

₹35 की पहली तनख्वाह- रोहित ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'फूल और कांटे' (1991) में कुकू कोहली के असिस्टेंट के रूप में की थी. उनकी पहली कमाई महज ₹35 थी. इतनी कम रकम में मुंबई जैसे शहर में सर्वाइव करना किसी जंग जीतने से कम नहीं था.

किलोमीटरों का पैदल सफर- आर्थिक तंगी का आलम यह था कि रोहित अक्सर मलाड से अंधेरी तक का रास्ता पैदल ही तय करते थे. वह बस का किराया बचाते थे ताकि उन पैसों से दोपहर का खाना खा सकें. चिलचिलाती धूप और पसीने से तरबतर होने के बावजूद उनके कदम कभी नहीं डगमगाए.

अजय देवगन के साथ 'सिक्का' जमाया- रोहित और अजय देवगन की दोस्ती फिल्म इंडस्ट्री में मिसाल मानी जाती है. 'फूल और कांटे' के सेट पर शुरू हुआ यह सफर 'गोलमाल' (2006) के साथ एक ऐसी सुपरहिट पार्टनरशिप में बदला, जिसने बॉलीवुड को कॉमेडी और एक्शन का नया अंदाज़ दिया.

बॉलीवुड के 'मास्टर ऑफ ब्लॉकबस्टर'- रोहित शेट्टी आज इकलौते ऐसे डायरेक्टर हैं जिनकी लगातार कई फिल्मों ने ₹100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है. 'सिंघम', 'सिम्बा', 'सूर्यवंशी' और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी फिल्मों ने उन्हें सफलता के उस शिखर पर बैठा दिया है जहां हर बड़ा स्टार उनके साथ काम करना चाहता है.

लग्जरी लाइफ और 'शेट्टी टावर'- संघर्ष के दिनों में पैदल चलने वाला वह लड़का आज करोड़ों की Lamborghini Urus और Maserati जैसी आलीशान कारों का मालिक है. मुंबई के पॉश इलाके जुहू में उनका अपना 10 मंजिला प्राइवेट टावर है, जिसे 'शेट्टी टावर' के नाम से जाना जाता है.