---विज्ञापन---
बॉलीवुड की वो टॉप एक्ट्रेस, जिसे कहा गया ‘मनहूस’, हसीना ने 6 महीने तक नहीं देखा था आईना

फिल्म इंडस्ट्री में चाहे एक्टर हो या एक्ट्रेस, अपनी पहचान बनाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता. अनगिनत रिजेक्शन, कड़े संघर्ष और सालों की मेहनत के बाद ही कलाकारों को पहचान मिल पाती है. आज हम ऐसी ही एक बेहतरीन अदाकारा की कहानी बता रहे हैं, जिनके करियर में एक ऐसा दर्दनाक दौर आया, जब उन्होंने खुद को आईने में देखना तक छोड़ दिया था. उस वक्त वह अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थीं, जैसे खुद से सामना करने की हिम्मत ही न बची हो, लेकिन वक्त के साथ उन्होंने साहस जुटाया, फिर से खड़ी हुईं और हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बना ली.

दरअसल जिस एक्ट्रेस की हम बात कर रहे हैं, वो विद्या बालन हैं. इंडस्ट्री में शुरुआत में उन्हें 'बैड लक' कहा जाता था और कई बार उन्हें फिल्मों से रिप्लेस कर दिया जाता था. इसका उन पर इतना गहरा पड़ा कि उन्होंने कई महीनों तक आईने में खुद को देखना ही छोड़ दिया. उन्हें यह महसूस होने लगा था कि वह सुंदर नहीं हैं और शायद एक्टिंग की दुनिया में उनकी कोई जगह नहीं बन पाएगी. यह अनुभव उनके आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बुरी तरह झकझोर देने वाला था.

विद्या बालन ने कहा कि किसी कलाकार को फिल्म से हटाने या उसकी जगह किसी और लेने का फैसला किया जा सकता है, लेकिन यह सब कहते वक्त शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता बेहद जरुरी होती है. उनके मुताबिक, शब्दों में किसी इंसान को संवारने और पूरी तरह तोड़ देने, दोनों की ताकत होती है और यह कड़वा अनुभव उनकी जिंदगी में कभी भुलाया नहीं जा सकता.

इस दर्दनाक अनुभव ने विद्या बालन को एक अहम सिख दी कि दूसरों के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से पेश आना कितना जरुरी है. उन्होंने यह भी समझा कि फिल्म इंडस्ट्री में हर किसी को अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन पूरी यात्रा में आत्मसम्मान को बनाए रखना सबसे ज्यादा मायने रखता है.

विद्या बालन ने यह भी कहा कि पैंडेमिक के बाद महिला-केंद्रित फिल्मों को बनाना और बॉक्स ऑफिस पर सफल कराना पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है. उनके मुताबिक, अब निर्माता और दर्शक ऐसी फिल्मों को लेकर ज्यादा सावधान हो गए हैं, जिसके चलते अभिनेत्रियों के लिए मेनस्ट्रीम सिनेमा में मकबूत और प्रभावशाली भूमिकाएं पाना आसान नहीं रहा.

विद्या बालन ने 17 साल बाद 'भूल भुलैया 3’ में मंजुलिका के किरदार के साथ एक बार फिर पर्दे पर धमाकेदार वापसी की. इतने सालों बाद भी उनकी वही अदाकारी, आत्मविश्वास और ऊर्जा देखकर दर्शक हैरान रह गए. तमाम संघर्षो के बावजूद विद्या बालन ने कभी खुद पर भरोसा नहीं खोया और वह हिंदी फिल्म इंड्रस्टी की सबसे सशक्त और प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शुमार है.