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9 एपिसोड की इस सस्पेंस-थ्रिलर सीरीज ने मचाया तहलका, क्लाइमेक्स में छिपा है बड़ा रहस्य

दिल्ली के लुटियंस जोन से लेकर यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों तक फैली 'तांडव' एक ऐसी पॉलिटिकल थ्रिलर है, जो सत्ता के खेल को बेहद क्रूर और ग्लैमरस अंदाज में पेश करती है. अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी यह 9 एपिसोड की सीरीज प्रधानमंत्री की रहस्यमयी मौत से शुरू होती है और फिर शुरू होता है उत्तराधिकार का एक खूनी संघर्ष. सैफ अली खान ने 'समर प्रताप सिंह' के रूप में एक ऐसे राजनेता का किरदार निभाया है जो शांत रहकर बड़ी तबाही मचाने का दम रखता है. यह सीरीज केवल राजनीति नहीं, बल्कि धोखा, फरेब और उस अंधेरे सच की कहानी है जिसे हम अक्सर टीवी की खबरों में नहीं देख पाते. इसका हर ट्विस्ट आपको सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्या वास्तव में राजनीति में कोई किसी का सगा होता है?

सैफ अली खान का 'समर प्रताप' अवतार- सैफ अली खान ने इस सीरीज में एक 'मॉडर्न चाणक्य' की भूमिका निभाई है. सत्ता के प्रति उनका पागलपन और उनके चेहरे की खामोशी एक अलग ही डर पैदा करती है. वे एक ऐसे धुरंधर खिलाड़ी हैं जो अपनी चालें बहुत पहले चल देते हैं.

सुनील ग्रोवर का चौंकाने वाला किरदार- कॉमेडी के किंग माने जाने वाले सुनील ग्रोवर ने 'गुरपाल सिंह' के रूप में सबको हैरान कर दिया है. समर प्रताप के सबसे वफादार और खतरनाक सिपहसालार के रूप में उनकी ठंडी और डरावनी अदाकारी सीरीज के सस्पेंस को कई गुना बढ़ा देती है.

दिल्ली बनाम छात्र राजनीति- सीरीज की कहानी एक तरफ देश के सबसे शक्तिशाली पद के इर्द-गिर्द घूमती है, तो दूसरी तरफ 'VNU' जैसे विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति को दिखाती है. जीशान अय्यूब का एक छात्र नेता से सत्ता के मोहरे तक का सफर रोमांच पैदा करता है.

मंझे हुए कलाकारों की फौज- डिंपल कपाड़िया ने एक चतुर महिला राजनेता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, वहीं कुमुद मिश्रा, गौहर खान और कृतिका कामरा जैसे कलाकारों ने कहानी को सस्पेंस की गहरी परतों से भर दिया है.

सन्न कर देने वाला क्लाइमैक्स- 9वें एपिसोड के अंत तक आते-आते सारे समीकरण बदल जाते हैं. 'तांडव' का क्लाइमैक्स इतना अप्रत्याशित है कि आप सन्न रह जाएंगे. जिस तरह शतरंज की बिसात पर आखिरी चाल चली जाती है, वह दर्शकों के होश उड़ाने के लिए काफी है.