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एक गेम और खतरनाक नतीजा, इन 5 फिल्मों को देखा तो गेमिंग से तुरंत कर लेंगे तौबा

हाल ही में एक मोबाइल गेम की वजह से गाजियाबाद की तीन बहनों की जान चली गई. ऐसे कई तरह के मोबाइल गेम्स हैं, जिनके टास्क पूरा करने के चक्कर में बच्चों की जान गई. ऐसे में हॉलीवुड में इस विषय पर कई ऐसी फिल्में भी बन चुकी हैं जिनमें गेम और उनके खतरनाक नतीजों पर बात की गई है. आइए आज ऐसी ही 5 फिल्मों के बारे में जानते हैं.

काउंटडाउन- इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर साल 2019 की हॉरर फिल्म काउंटडाउन है, जिसमे एक ऐसा ऐप होता है जो मौत का समय बताती है और यूजर को मार डालती है. ये फिल्म गेमिंग एडिक्शन को दिखाती है और उससे दूरी बनाने की सलाह देती है.

चूज और डाई- चूज और डाई साल 2022 की शानदार गेमिंग फिल्म है, जिसमे 80 के दशक का एक पुराना हॉरर गेम फिर से खेलने पर रियल लाइफ परेशानियां आ जाती है. इस फिल्म को आप एक बार जरूर देख लें.

ब्रेनस्कैन- साल 1994 में आई फिल्म ब्रेनस्कैन की कहानी एक हॉरर गेमिंग पर आधारित है, जो प्लेयर से रियल मर्डर करवाता है. भले ही ये एक पुरानी फिल्म है, लेकिन इसका कहानी आपको बेहद पसंद आएगी.

स्टे अलाइव- साल 2006 क फिल्म स्टे अलाइव में एक वीडियो गेम दिखाया गया है, जिसमें गेम के टास्क में मरने पर रियल लाइफ में भी मौत हो जाती है. इस फिल्म की कहानी बेहद ही दिलचस्प और डरावनी है.

नर्व- साल 2016 में आई इस फिल्म में की कहानी एक सामान्य ऑनलाइन गेमिंग चैलेंज होता है, जो बाद में एक जानलेवा मुकाबले में बदल जाता है. इसमें गेमिंग एडिक्शन और पीअर प्रेशर जैसे विषय को दिखाया गया है.