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2 घंटे 25 मिनट की तगड़ी और धांसू क्राइम-थ्रिलर फिल्म, सस्पेंस के मामले में हैं सबकी बाप

मलयालम सिनेमा हमेशा से अपनी यथार्थवादी कहानियों और चौंकाने वाले सस्पेंस के लिए जाना जाता रहा है. इसी कड़ी में साल 2018 की फिल्म 'ओरु कुप्रसिधा पय्यान' (एक बदनाम नौजवान) एक कल्ट क्लासिक बनकर उभरी है. सुपरस्टार टोविनो थॉमस और नेशनल अवॉर्ड विजेता निमिषा सजयन स्टारर यह फिल्म एक ऐसे युवक की कहानी है, जिसकी मासूमियत ही उसके लिए जी का जंजाल बन जाती है. जब एक मामूली होटल कर्मचारी पर मर्डर का इल्जाम लगता है, तो समाज और कानून उसे 'बदनाम' करने में कोई कसर नहीं छोड़ता. मधुपाल के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक बेहतरीन 'कोर्टरूम ड्रामा' और 'मर्डर मिस्ट्री' है, जो सिस्टम की खामियों को उजागर करते हुए अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है.

अजयन का किरदार और टोविनो का अभिनय- फिल्म की जान टोविनो थॉमस हैं, जिन्होंने अजयन नाम के एक डरपोक और असहाय युवक के किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया है. उसे देखकर दर्शक खुद उसकी बेबसी महसूस करने लगते हैं, जो फिल्म की सबसे बड़ी जीत है.

निमिषा सजयन की दमदार मौजूदगी- फिल्म में निमिषा ने एक ऐसी वकील की भूमिका निभाई है जो सिस्टम से लोहा लेती है. उनके इस बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब भी मिला.

पुरस्कारों की झड़ी- इस फिल्म ने अपनी गुणवत्ता का लोहा मनवाते हुए केरल फिल्म क्रिटिक्स असोसिएशन में सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन जैसे कई बड़े अवॉर्ड्स अपने नाम किए. क्रिटिक्स ने इसकी पटकथा को मास्टरपीस करार दिया है.

सिस्टम और न्याय पर सवाल- यह फिल्म सिर्फ यह नहीं दिखाती कि कातिल कौन है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे पुलिसिया प्रताड़ना और कमजोर कानूनी दांव-पेच एक निर्दोष की जिंदगी बर्बाद कर सकते हैं. जेल के अंदर के दृश्य और कोर्ट रूम की बहस रोंगटे खड़े कर देती है.

रीमेक और लोकप्रियता- मलयाली सिनेमा की इस फिल्म का प्रभाव इतना गहरा है कि थ्रिलर लवर्स इसे अक्सर दूसरी भाषाओं में रीमेक किए जाने की वकालत करते हैं. फिलहाल इस रहस्यमयी सफर का आनंद आप Manoramamax पर ले सकते हैं.