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Netflix पर हंगामा मचा रही 1 घंटा 47 मिनट की ये धांसू फिल्म, कहानी में कूट-कूटकर भरा है सस्पेंस

सस्पेंस और सामाजिक मुद्दों के शौकीनों के लिए नेटफ्लिक्स की फिल्म 'अक्यूज्ड' एक बेहतरीन चॉइस है. फिल्म की कहानी एक सफल डॉक्टर गीतिका (कोंकणा सेन शर्मा) और उसकी पार्टनर मीरा (प्रतिभा रांटा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी छोटी सी दुनिया में खुश हैं. लेकिन उनकी जिंदगी तब बिखर जाती है जब गीतिका पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगता है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक पल में सालों की मेहनत और साख मिट्टी में मिल जाती है. बेहतरीन अभिनय और संजीदा निर्देशन से सजी यह फिल्म आपको अंत तक सोचने पर मजबूर कर देगी.

एक अलग और गहरी प्रेम कहानी- फिल्म का केंद्र एक लेस्बियन कपल है. गीतिका और मीरा एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और एक बच्चा गोद लेकर अपना परिवार पूरा करने का सपना देख रहे हैं. कहानी उनके रिश्ते की गहराई और उनके संघर्षों को बहुत ही मानवीय तरीके से पेश करती है, जो दर्शकों के दिल को छू जाती है.

एक आरोप और गिरती साख- फिल्म में असली भूचाल तब आता है जब अस्पताल की स्टार डॉक्टर गीतिका पर यौन शोषण (Sexual Harassment) का आरोप लगता है. कल तक जो लोग उसकी तारीफ करते नहीं थकते थे, वही अब उसे शक की नजरों से देखने लगते हैं. यह हिस्सा दिखाता है कि समाज कितनी जल्दी किसी के चरित्र पर फैसला सुना देता है.

करियर और समाज की बेरुखी- खबर फैलते ही पेशेवर दुनिया का क्रूर चेहरा सामने आता है. गीतिका को जबरन छुट्टी पर भेज दिया जाता है और उसकी नौकरी दांव पर लग जाती है. फिल्म बहुत बारीकी से दिखाती है कि किसी महिला के लिए अपनी बेगुनाही साबित करना कितना कठिन होता है, खासकर जब उसका करियर दांव पर हो.

कोंकणा और प्रतिभा की शानदार जुगलबंदी- कोंकणा सेन शर्मा ने एक बार फिर साबित किया है कि वे इंटेंस किरदारों के लिए ही बनी हैं. उनकी खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है. वहीं, 'लापता लेडीज' फेम प्रतिभा रांटा ने मीरा के रूप में एक ऐसी साथी का किरदार निभाया है, जो अपने बिखरते सपनों और प्यार के बीच फंसी हुई है. दोनों की केमिस्ट्री फिल्म की असली जान है.

संवेदनाओं से भरा क्लाइमैक्स- यह कोई साधारण थ्रिलर फिल्म नहीं है जो सिर्फ चौंकाने वाले अंत पर टिकी हो. इसका क्लाइमैक्स मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों के बिखराव पर केंद्रित है. हालांकि कुछ दर्शकों को यह साधारण लग सकता है, लेकिन कहानी का सस्पेंस और किरदारों का मानसिक द्वंद्व आपको आखिरी सीन तक बांधे रखने के लिए काफी है.