5 Films Without Actress: आमतौर पर बॉलीवुड फिल्मों में हीरो-हीरोइन की केमिस्ट्री और रोमांस को सफलता का फार्मूला माना जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना किसी लीड एक्ट्रेस के भी कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा सकती है? यकीन मानिए, ऐसी कई फिल्में हैं जिन्होंने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए सिर्फ अपनी दमदार कहानी और बेहतरीन एक्टिंग के दम पर दर्शकों का दिल जीता है. ये फिल्में साबित करती हैं कि सिनेमा में रोमांस से ज्यादा जरूरी एक अच्छी स्क्रिप्ट है. आइए आज उन 5 फिल्मों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने बिना हीरोइन के भी झंडे गाड़े…
ओएमजी – ओह माय गॉड! (OMG)
साल 2012 में रिलीज हुई अक्षय कुमार और परेश रावल की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. धर्म और अंधविश्वास पर आधारित इस फिल्म में कोई लीड एक्ट्रेस नहीं थी, लेकिन इसकी कहानी इतनी ताकतवर थी कि दर्शक इसे देखकर हैरान रह गए. वर्ल्डवाइड 149.90 करोड़ की कमाई के साथ यह फिल्म एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म ने दिखा दिया कि अगर कहानी में दम हो, तो दर्शकों को थिएटर तक खींचने के लिए किसी ग्लैमरस हीरोइन की जरूरत नहीं होती.
अ वेडनेसडे (A Wednesday)
नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर की ‘अ वेडनेसडे’ सस्पेंस और थ्रिलर का एक बेहतरीन नमूना है. एक आम आदमी और एक पुलिस कमिश्नर के बीच की मानसिक जंग को दिखाती यह फिल्म बिना किसी गाने या एक्ट्रेस के पूरी फिल्म को बांधे रखती है. महज 3 करोड़ के छोटे से बजट में बनी इस फिल्म ने 16.22 करोड़ की कमाई की थी. यह फिल्म आज भी अपनी कसी हुई पटकथा और दमदार एक्टिंग के लिए जानी जाती है.
तारे जमीन पर (Taare Zameen Par)
आमिर खान की ‘तारे जमीन पर’ ने तो सफलता के सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए थे. एक टीचर और ईशान नाम के बच्चे के बीच के भावनात्मक रिश्ते पर आधारित यह फिल्म हर किसी की आंखें नम कर देती है. बिना किसी लव स्टोरी के भी यह फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसे 3 नेशनल अवॉर्ड भी मिले. यह फिल्म आज भी प्रेरणादायक सिनेमा की लिस्ट में हमेशा टॉप पर रहती है.
धमाल (Dhamaal)
अगर कॉमेडी की बात हो, तो ‘धमाल’ का नाम सबसे ऊपर आता है. संजय दत्त, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में कोई लीड एक्ट्रेस नहीं थी, फिर भी यह फिल्म लोगों को खूब गुदगुदाने में कामयाब रही. बिना किसी हीरोइन के बनी यह एक सुपरहिट फिल्म है, जिसे दर्शक आज भी टीवी पर आने पर बार-बार देखना पसंद करते हैं.
फरारी की सवारी (Ferrari Ki Sawaari)
शरमन जोशी और बोमन ईरानी की ‘फरारी की सवारी’ एक पिता और बेटे के खूबसूरत रिश्ते की कहानी थी. एक छोटी सी कहानी, एक Ferrari कार और क्रिकेट का सपना—इन्हीं चीजों के इर्द-गिर्द घूमती यह फिल्म सेमी-हिट रही. इसमें भी कोई हीरोइन नहीं थी, लेकिन इसके इमोशनल टच और सादगी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और फिल्म को एक अलग पहचान दिलाई.