Badshah Rolls-Royce Cullinan: शानदार गानों और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए मशहूर सिंगर-रैपर बादशाह इन दिनों अपनी नई गाड़ी को लेकर चर्चा में हैं. बादशाह भारत के पहले ऐसे म्यूजिशियन बन गए हैं जिनके पास ‘रोल्स-रॉयस कलिनन सीरीज 2’ (Rolls Royce Cullinan Series II) जैसी बेशकीमती SUV है. मुंबई में इस कार की ऑन-रोड कीमत करीब 12.45 करोड़ रुपये है. हालांकि, इतनी महंगी और खास गाड़ी खरीदने के बाद बादशाह ने जो कहा, वह सुनकर आपको यकीन नहीं होगा कि एक सुपरस्टार भी ऐसा सोच सकता है.
12 करोड़ की कार और 15 मिनट का जोश
बादशाह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी इस लग्जरी कार से जुड़ा एक मजेदार किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि यह कार खरीदना पूरी तरह से एक जल्दबाजी भरा फैसला था. बादशाह के शब्दों में, “मैंने अचानक सोचा कि आज यह कार ले लेनी चाहिए. उस वक्त पूरी ‘बादशाह’ वाली फीलिंग आ रही थी.” चौंकाने वाली बात यह है कि 12.45 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद उनकी यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी. बादशाह ने हंसते हुए बताया कि कार खरीदने का उत्साह और जोश केवल 10 से 15 मिनट तक ही रहा. उसके बाद वह शांत होकर सोचने लगे, “ठीक है, अब कार आ गई, अब आगे क्या?”
मुकेश अंबानी और शाहरुख खान की लीग में शामिल
भले ही बादशाह को अब थोड़ा पछतावा हो रहा हो, लेकिन इस कार को खरीदकर उन्होंने अपना नाम देश के सबसे रईस लोगों की लिस्ट में शामिल कर लिया है. भारत में यह कार अब तक सिर्फ मुकेश अंबानी, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे दिग्गजों के पास ही थी. बादशाह पहले भारतीय म्यूजिशियन हैं, जिन्होंने इस लेवल की लग्जरी को अपने गैराज का हिस्सा बनाया है.
महंगी चीजों का शौक, पर ‘प्राइस टैग’ पर नजर
बादशाह ने इंटरव्यू में अपनी एक खास आदत के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी और लग्जरी चीजों को अनुभव करने का बहुत शौक है, लेकिन वे पैसों को लेकर काफी सतर्क रहते हैं. करोड़ों कमाने के बावजूद बादशाह कोई भी चीज खरीदने से पहले उसका ‘प्राइस टैग’ जरूर देखते हैं. उनके लिए सामान से ज्यादा इंसानी रिश्ते और भावनाएं मायने रखती हैं. उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि अगर कभी घर में आग लग जाए, तो वह सबसे पहले अपनी कार बचाएंगे, क्योंकि फिर उन्हें उसी कार में रहना पड़ेगा!
आखिर क्यों होता है ऐसा पछतावा?
बादशाह का यह बयान दिखाता है कि सेलिब्रिटी लाइफ बाहर से जितनी चकाचौंध भरी दिखती है, अंदर से वह उतनी ही साधारण भावनाओं से जुड़ी है. उनके लिए असली मजा नई चीजों को हासिल करने के अनुभव में है, न कि उन्हें सालों तक संजोकर रखने में. जैसे ही कोई महंगी चीज हाथ आती है, उसकी चमक उनके लिए कम होने लगती है.