Saturday, December 10, 2022
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‘बाहुबली’ की 20 अनसुनी कहानियां जानें

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दिल्ली ( 13 मई )   1 .प्रभास को आपने बाहुबली बने देखा.एक ही फ़िल्म में दो-दो किरदार निभाते देखा। अमरेन्द्र बाहुबली और महेन्द्र बाहुबली का। लेकिन क्या आपको पता है कि राजमौली जब ये कहानी बुन रहे थे तो बाहुबली के किरदार के लिए उनके दिमाग़ में पहला नाम प्रभास का नहीं बल्कि बॉलीवुड के सुपरहीरो ऋतिक रौशन का था। बताते हैं कि बाहुबली के लिए राजामौली ने ऋतिक रौशन से बात भी की लेकिन तब ऋतिक – एक ऐसी ही पीरियड फ़िल्म – मोहनजोदारो के लिए आशुतोष गोवारिकर को हामी भर चुके थे। मोहनजोदारो की तैयारियां शुरु भी हो गई थी । नतीजा – राजामौली को अपने पुराने स्टार – प्रभास की याद आई। 2 .प्रभास के करियर की सबसे बड़ी हिट है बाहुबली और उससे पहले भी प्रभास के करियर की दूसरी सबसे बड़ी हिट है – छत्रपति.ये दोनो ही फ़िल्में  प्रभास ने डायरेक्टर – एस.एस. राजमौली के साथ की हैं। लेकिन आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि राजामौली ने अब से 16 साल पहले अपनी पहली फ़िल्म – स्टूडेंट नंबर-1 के लिए भी प्रभास को अप्रोच किया था…। लेकिन तब प्रभास ने राजामौली की ये कहानी सुनकर भी उसे रिजेक्ट कर दिया था। बाद ये फ़िल्म सुपर डुपर हिट हुई, तो प्रभास को अफसोस हुआ । इसके चार साल के बाद प्रभास ने राजमौली की – छत्रपति साईन की ये तेलुगू फ़िल्म ब्लॉकबस्टर हुई और उसे कन्नड़ा, तमिल और बंगाली में डब किया गया। बाहुबली के लिए जब राजमौली ने प्रभास को अप्रोच किया तो उनसे सिर्फ़ एक साल मांगा  प्रभास ने बिना सोचे समझे दो साल की डेट्स दे दीं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि पूरे 5 साल तक प्रभास ने बाहुबली – द बिगनिंग और बाहुबली 2 – द कॉन्क्लूज़िन को डेडीकेट कर दिए। 3. बाहुबली के दूसरे लीड – यानि भल्लादेव के कैरेक्टर के लिए राजमौली – जॉन अब्राहम को साईन करना चाहते थे। कैरेक्टर की डिमांड थी कि उसकी फिज़ीक कमाल होनी चाहिए।  हाईट कम से कम 6 फिट की होनी चाहिए। जॉन में ये दोनो ही खूबियां थी लेकिन ऋतिक की ना के बाद राजमौली ने साउथ से ही भल्लादेव को साइन करने की सोची । राना दुग्गुबती में ये सारी खूबियां थी। वैसे आपको बताते चलें कि भल्लादेव के कैरेक्टर के लिए सेकेंड च्वाइस बने  राना दुग्गुबती ने ही बॉलीवुड में बाहुबली की एंट्री करवाई। करण जौहर को इस फ़िल्म के रशेज़ दिखाए और हिंदी में बाहुबली का मेन प्रोड्यूसर बनने के लिए मनाया। अमिताभ बच्चन को भी बाहुबली के फर्स्ट ट्रेलर दिखाने और फ़िल्म का बज़ – बॉलीवुड में कराने का क्रेडिट भी राना दुग्गुबती के नाम है। 4 .वैसे बाहुबली – द कॉन्क्लूज़न की एक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी की खूबसूरती सबके दिलो-दिमाग़ पर छाई है। डायरेक्टर राजमौली के करियर में अनुष्का पहली एक्ट्रेस हैं, जिन्हे उन्होने अपनी फ़िल्म में रिपीट किया है। अनुष्का के करियर की पहली सबसे बड़ी सुपरहिट फ़िल्म – विक्रमारकुडु भी राजामौली ने ही डायरेक्ट की थी। वैसे प्रभास और अनुष्का की जोड़ी – साउथ की फ़िल्मों की हिट जोड़ी है। इन दोनो ने मिर्ची और बिल्ला जैसी सुपरहिट फ़िल्मों में काम किया है…। वैसे एक अनसुना अफ़साना ये भी है कि प्रभास की सुपरहिट फ़िल्म – रिबेल में पहले अनुष्का शेट्टी को साइन किया गया था.. लेकिन अनुष्का ने बाद में इस फ़िल्म में काम करने से मना कर दिया, तो उन्हे रिप्लेस करने वाली कोई और नहीं, बाहुबली की ही दूसरी हिरोइन – तमन्ना थीं।बाहुबली के फर्स्ट पार्ट के लिए अनुष्का को अपना वेट बढ़ाना था, और फिर घटाना था… लेकिन बढ़े वेट को घटाने में अनुष्का के पसीने छूट गए और राजामौली अनुष्का से बुरी तरह से नाराज़ भी हो गए थे। लेकिन मानना होगा कि फाइनल रिज़ल्ट तो कमाल का है।   5.प्रभास और राणा को अपने रोल के लिए स्ट्रिक्ट डायट पर रखा गया था। दोनों को दिन में 6-8 मील खाने थे जिसमें सिर्फ और सिर्फ नॉन वेज आईटम थे। हर दो घंटो पर खाना था औऱ हर दिन 2000-4000 कैलोरी गेन करनी थी। मेकर्स ने विदेश से मंगा कर प्रभास को बॉडी बिल्डिंग की एक-एक मशीन भी गिफ्ट की थी जिसकी कीमत 1.5 करोड़ रुपए थी। प्रभास को अपने ब्रेकफास्ट के लिए 40 अंडे खाने होते थे..।   6. क्या आप जानते हैं कि बाहुबली की कहानी तब ही बुन ली गई थीं – जब राजमौली 8 साल के थे । राजामौली के पिता विजयेन्द्र प्रसाद – बाहुबली के किरदारों की कहानियां सुनाते रहते थे।और राजमौली इन किरदारों की – अमर चित्रकथा की कहानियों के कार्टून देखकर बुनते रहते थे। बचपन की सुनी इन किरदारों और कहानियों को एक साथ जोड़कर बाहुबली की दुनिया तैयार की गई। विजयेन्द्र प्रसाद ने राजामौली के लिए बाहुबली के लिए अलावा 7 फ़िल्में और लिखी हैं और आपको जानकर हैरानी होगी कि राजामौली के डैडी ने – सलमान ख़ान की फ़िल्म बजरंगी भाईजान की भी कहानी लिखी है। 7 . बाहुबली के बनने का ऐलान होते ही एक लीगल नोटिस – फ़िल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के पास पहुंच गया..जिसमें कहा गया कि ये फ़िल्म – जैन धर्म तीर्थंकर – बाहुबली पर बेस्ड है। फ़िल्म के प्रोड्यूसर ने साफ़ किया कि ये फ़िल्म विजयेन्द्र प्रसाद की फिक्शनल कहानी पर बेस्ड है। लेकिन लीगल वॉर का तमाशा जारी रहा… बाहुबली के मेकिंग वीडियो पर फॉर्मेट चुराने का इल्ज़ाम लगा…। कहा गया कि फ़िल्म की मेकिंग दिखाने के लिए उन्होने एक कस्टमाइज़्ड टेंप्लेट का इस्तेमाल किया है। प्रोड्यूसर शोबू ने इस कॉन्ट्रोवर्सी को भी दूर करते हुए बताया – कि उन्होने ग्रॉफिक टेंप्लेट खरीदा है, चुराया नहीं।बाहुबली द बिगनिंग का पहला पोस्टर रिलीज़ हुआ – जिसमें राजमाता शिवगामी देवी का नदी से निकला हाथ – बच्चे शिवा को पानी के उपर रखता है…। बाहुबली पर फ़िर से इल्ज़ाम लगा कि उन्होने 1998 में रिलीज़ हुई अमेरिकन फ़िल्म सिमोन बिर्चको कॉपी किया है…। 8. कागज़ों से बाहुबली की दुनिया को कैमरे पर उतारने के लिए हैदराबाद के रामोजी राव फ़िल्म सिटी में 20 एकड़ का सेट तैयार किया गया। रामोजी फ़िल्म सिटी में जंगली सुअर के शिकार वााले  स्पेशल सीन के लिए मक्के उगाए गएं थे लेकिन शूटिंग के ठीक एक हफ्ते पहले हुई बारिश ने पूरी मेहनत ज़ाया कर दी। इस एक बारिश के बाद मुश्किलें बढ़ी – ततुलगू फ़िलम्म फेडरेशन के स्ट्राइक से। नतीजा बाहुबली की पूरी टीम को बुल्गारिया जाना पड़ा जहां वैसे ही मक्के के खेतों के बीच वैसी ही लोकेशन्स के साथ उन्होने 25 दिनों तक शूटिंग की। 9-आंध्र प्रदेश के कुरनुल में जब फ़िल्म की शूटिंग की जा रही ही थी…तब पहले तो बारिश ने उसे रोका…और फ़िर तकरीबन 30 हज़ार लोग – शूटिंग देखने आ गए। बड़ी मुश्किल से प्रभास और राना ने उन्हे मनाया…। लेकिन तब ही राजामौली के दिमाग़ में एक आइडिया आया… उन्होने वहां आए सारे लोगों को जय बाहुबली के नारे लगाने को कहा…और इस साउंड को रिकॉर्ड कर लिया…। बाहुबली – द कॉन्क्लूज़ को अगर आपने देखा है… तो जय बाहुबली का वो साउंड इफेक्ट, फ़िल्म का सबसे हाई प्वाइंट है। 10. बाहुबली का माहिस्मति साम्राज्य रामोजी फ़िल्म सिटी में बनाया गया….। और इसे बनाने की ज़िम्मेदारी  आर्ट डायरेक्टर  साबू सायरिल को सौंपी गई। 2,000 कारपेंटरों, पेंटरों और सेट तैयार करने वाले क्रू ने न सिर्फ दो महल और मूर्तियां बनाईं, बल्कि मशीनी जानवर जैसे बैल, घोड़े और हाथी भी बनाए। फिल्म के पहले पार्ट में माहिष्मती साम्राज्य का सेट बनाने में 28 करोड़ रुपए का खर्च आया था…सेकेंड पार्ट में कुछ नए एलीमेंट्स को जोड़कर फिल्म के कई सीन फिल्माए गए हैं। इसके अलावा अनुष्का के राज्य का एक नया सेट भी तैयार किया गया, जिसके प्रोडक्शन डिजाइन का खर्च 35 करोड़ रुपए आया। इस नए सेट के लिए लगातार 500 लोग 50 दिनों तक काम करते रहे। 11 .’बाहुबली द बिगनिंग’ की शुरुआत शिवा के साथ होती है…जो बाद में महेन्द्र बाहुबली बनता है। शिवा के कैरक्टर को दिखाने को दिखाने के लिए – एक ऐसे वॉटरफॉल को शूट किया जाना था, जो दिखने में ही कमाल लगे। इसके लिए केरल के एप्पीथरल्ली फॉल  को चुना गया। वहां पूरे 109 दिन तक शूटिंग की गई । शुरुआत के कुछ दिनों तक तो प्रभास को रॉक क्लाइबिंग की ट्रेनिंग ही दी गई।   12 . प्रभास ने बाहुबली के पार्ट 1 और टू के लिए पूरे 5 साल दिए। बाहुबली के प्रभास ने अपनी शादी तक टाल दी। बताया गया कि बाहुबली की शूटिंग के वक्त ही प्रभास की शादी फिक्स हो गई थी…। लेकिन इस फ़िल्म के लिए अपने कमीटमेंट से प्रभास पीछे नहीं हटना चाहते थे…नतीजा उन्होने शादी का आइडिया बाहुबली – द कॉन्क्लूज़न की रिलीज़ तक टाल दिया अब प्रभास छुट्टी पर हैं और 2017 के अंत तक उनकी शादी हो जाएगी 13 -बाहुबली का क्रेज़ सबसे ज़्यादा उस सवाल के लिए हैं – कि कटप्पा ने आख़िर बाहुबली को मारा क्यों…। लेकिन जब बाहुबली की कहानी शुरुआत में लिखी गई थी…तो ये सेक्वेंस फ़िल्म का हिस्सा था ही नहीं…। प्रोड्यसूर और डायरेक्टर को इस फ़िल्म में एक ऐसी मिस्ट्री चाहिए थी… जिससे लोग खुद ब खुद खींचे चले आए। इस डिमांड के चलते ही – राजामौली के पापा – विजयेन्द्र गुप्ता, जो बाहुबली के राइटर हैं, उन्होने कटप्पा का ये सेक्वेंस नए सिरे से लिखा। और कहानी में ये राज़ जोड़ने का फायदा क्या हुआ… ये तो सबको पता है। 14 . वैसे इस राज़ को राज़ ही बनाए रखने के लिए बाहुबली के क्रू को अवॉर्ड मिलना चाहिए…। हांलाकि डायरेक्टर – राजामौली ने इस राज़ को बनाए रखने के लिए ज़बरदस्त तैयारी की। इस सीन को शूट करने को लेकर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने बहुत सीक्रेटली काम किया था। शूटिंग के वक्त पहले कुछ इन्फॉर्मेशन लीक भी हुई थी। इसी के चलते करीब 150 क्रू-मेंबर्स से बॉन्ड भरवाकर इस बात को गुप्त रखने की शपथ दिलवाई गई थी। बॉन्ड को खासतौर पर तब बनाया गया, जब कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा वाले सवाल का जवाब शूट किया जाना था। इतना ही नहीं, उस बॉन्ड में ये भी लिखा था कि अगर इस सवाल का जवाब कहीं भी लीक हुआ तो उसे फाइनेंशियल पेनल्टी और सजा दोनों हो सकती है। कई दिन तक तो सेट सभी के फोन ऑफ करवा दिए गए थे क्योंकि बाहुबली की पूरी जान सिर्फ एक सवाल पर टिकी थी, ऐसे में डायरेक्टर को डर था कि कहीं ये लीक हो गया तो तगड़ा नुकसान हो सकता है। 15 . इंडिया में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाली बाहुबली सीरीज़ को उसके शुरु होने से पहले ही बंद करने के बारे में बातें होने लगी थीं। राजामौली ने जब पहली बाहुबली पर तैयारी शुरु की…तो इतने सारे रिसोर्स जुटाने में उनका हौसला पस्त होने लगा था। उन्होने प्रोड्यूसर मिलने के बाद भी बाहुबली को बंद करने की सोच ली थी… । लेकिन प्रोड्यूसर सोबू और राजामौली के डैडी ने उनका हौसला बढ़ाया ।फिर जब ये फ़िल्म शूट होने लगी…तो बजट 450 करोड़ के उपर निकलने लगा। आर्का फ़िल्म्स, जो बाहुबली के मेन प्रोड्यूसर हैं उन्हे लगा कि अब वो इस फ़िल्म को संभाल नहीं सकते और इसे बीच में ही रोकना होगा। मार्केट से उन्हे पैसे देने वाले ने मुंह फेर लिया । लेकिन बाहुबली को लेकर एक्साइटमेंट इतनी थी… कि रामोजी राव और कुछ दूसरे फाइनेंसर्स ने आगे आकर बाहुबली – द कॉन्क्लूज़न को बनने में मदद की।   16 .बाहुबली के कैमरावर्क को देखकर अगर आप हैरान हो रहे हैं तो ये इन्फॉर्मेशन आपके होश ही उड़ा देगी । इस फ़िल्म को शूट करने वाले कैमरे को बनने में ही पूरे 12 महीने लगे। बाहुबली की शूटिंग से पहले स्पेशल वीआ सुपर कम्प्यूटर कैमरा बनाया गया फिर शटिंग शुरु की गई। इस स्पेशल कैमरे और टेक्नोलॉजी को तैयार करने में 12 महीने का टाइम लगा। कैमरे में लॉम्बरयॉर्ड गेम इंजन का भी यूज किया गया है, जिससे मूवी के हर सीन में दर्शकों को 360 डिग्री का रियलिस्टिक एक्सपीरियंस मिले। राजामौली के साथ एगा…और मगाधीरा जैसी कुल 5 सुपरहिट फ़िल्म को शूट करने वाले के. सेंथिल कुमार ने फ़िल्म के सिनेमैटोग्राफ़ी की ज़िम्मेदारी निभाई.. और सेंथिल ने फर्स्ट एंड सेकेंड दोनो बाहुबली को शूट किया। 17 .बाहुबली के साथ बहुत कुछ पहली बार हुआ.ये पहली हिंदुस्तानी फ़िल्म है जिसके लिए एक नई भाषा ही बना दी गई। बाहुबली द बिगनिंग के कालकेय की ज़ुबान किलिकिल तैयार की गई। किलिकिलि भाषा को ईज़ाद करने के लिए पूरे 750 शब्द तैयार किए गए और इसे तैयार किया मदन कार्की … इस भाषा को कालकेय योद्धाओं के पहचान के इर्द-गिर्द बुना गया और इसका अपना अलग ग्रामर भी है जिसमें 40 नियम हैं। बाहुबली द बिगनिंग के हिंदी, तेलुगू, तमिल और मलयालम हर वर्ज़न में कालकेय की भाषा किलिकिलि ही इस्तेमाल हुई है। 18 .इंडियन सिनेमा में बाहुबली वो पहली फिल्म होगी…जिसके लिए एक म्यूज़ियम तैयार किया जा रहा है। हैदराबाद के रामोजी राव फ़िल्म सिटी, जहां बाहुबली की ज़्यादातर शूटिंग की गई है…वहां फिल्म के सेट, हथियार… बड़े साजो सामान, कास्ट्यूम और ज्वैलेरी के लिए एक शानदार म्यूज़ियम बनाया जा रहा है। अब तक बड़ी हॉलीवुड फिल्म फ्रैंचाइज़ के म्यूज़ियम बनाने का ट्रेंड चल रहा था बाहुबली के साथ – इंडियन फ़िल्म इंडस्ट्री में ये चलन भी आ रहा है। 19 . बाहुबली का कमाल उसके स्पेशल विज़ुअल इफेक्ट्स की वजह है । और इसके सेकेंड पार्ट को क्रिएट करने में ही पूरे 18 महीने लगे हैं…इन 18 महीनों में 2500 शॉट्स को विजुअल इफेक्ट्स के ज़रिए बदला गया है…। और इसके लिए पूरे 36 स्टूडियो जुटे थे। माहिस्मती का पूरा साम्राज़्य वीएफएक्स पर तैयार किया गया है। माहिस्मति के एक हाइएंगल शॉट को 7 किलोमीटर के दायरे में बनाया गया है। 2 घंटे 48 मिनट की फ़िल्म में 2 घंटे के ग्रॉफ़िक्स शॉट्स इस्तेमाल किए गए हैं। 600 VFX ऑर्टिस्ट के साथ इन विज़ुअल इफेक्ट्स पर ही 85 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। 20 .बाहुबली की दीवानगी सिर्फ़ बॉक्स ऑफ़िस पर ही नहीं, हमारी आपकी ज़िंदगी में भी शामिल हो गई है। अहमदाबाद के एक रेस्टोरेंट ने बाहुबली के नाम से एक स्पेशल थाली शुरु कर दी है। डिनर के लिए ये थाली वाकई बाहुबली है…। और फ़िर थाली ही क्यों बाहुबली के नाम पर चॉकलेट, पटाखे और मोबाइल फोन तक बिक रहे है.। साउथ की ये पहली फ़िल्म है जिसने पूरे हिंदुस्तान को अपनी गिरफ्ते में ले लिया है। वैसे बाहुबली रिकॉर्ड बनाने और तोड़ने में माहिर है बाहुबली बिगनिंग के लिए 50 हज़ार स्क्वैयर फीट का दुनिया का सबसे बड़ा पोस्टर तैयार किया गया था..।  पोस्टर को कई पार्ट्स में तैयार कर.फ़िर उन्हे जोड़ा गया। कोच्ची की ग्लोबलल युनाइटेड मीडिया कंपनी ने कोच्ची में इस पोस्टर को अनवील किया और इसे गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिली।

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