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Sunday को ओटीटी पर निपटा डालें ये 5 सबसे तगड़ी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्में, हर कहानी का क्लाइमेक्स है चौंकाने वाला

संडे की छुट्टी हो और हाथ में टीवी का रिमोट, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है? अगर आप सस्पेंस और साइकोलॉजिकल थ्रिलर के दीवाने हैं, तो नेटफ्लिक्स की ये 5 फिल्में आपके दिमाग की बत्तियां जला देंगी. 'दृश्यम' और 'अंधाधुन' के बाद अगर आप कुछ नया और चौंकाने वाला ढूंढ रहे हैं, तो ये लिस्ट आपके लिए एकदम परफेक्ट है.

वश 2 (Vash 2: Level 2)- यह कृष्णदेव याग्निक द्वारा निर्देशित एक सुपरनैचुरल साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म है. 2023 की सुपरहिट फिल्म 'वश' का यह सीक्वल 12 साल बाद की कहानी है, जहां एक परिवार फिर से ब्लैक मैजिक और डरावनी अलौकिक शक्तियों के जाल में फंस जाता है. अगर आपको रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव पसंद हैं, तो यह फिल्म आपके संडे के लिए सबसे बेस्ट है.

धोखा: राउंड द कॉर्नर (Dhokha: Round D Corner)- आर. माधवन, अपारशक्ति खुराना और खुशाली कुमार स्टारर यह कुकी गुलाटी निर्देशित फिल्म एक शहरी कपल के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी में एक तरफ एक मानसिक समस्या से जूझ रही पत्नी है, तो दूसरी तरफ शक है कि पति किसी आतंकवादी गतिविधि का हिस्सा है. फिल्म का हर ट्विस्ट आपको सच से कोसों दूर ले जाएगा.

द गर्ल ऑन द ट्रेन (The Girl on the Train)- परिणीति चोपड़ा स्टारर यह फिल्म इसी नाम की प्रसिद्ध किताब पर आधारित है. कहानी एक ऐसी महिला की है जो तलाक और शराब के नशे से जूझ रही है. ट्रेन से सफर करते हुए वह एक 'परफेक्ट' कपल को रोज देखती है, लेकिन फिर खुद एक हत्या की गुत्थी में फंस जाती है. यह फिल्म सस्पेंस और उलझी हुई कहानियों का एक बेहतरीन मिश्रण है.

हसीन दिलरुबा (Haseen Dillruba)- तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी और हर्षवर्धन राणे स्टारर यह रोमांस-थ्रिलर एक मर्डर मिस्ट्री पर आधारित है. फिल्म में एक पत्नी पर अपने पति के कत्ल का आरोप लगता है. निर्देशक विनील मैथ्यू ने इस कहानी में प्यार, जुनून और धोखे को जिस तरह से ह्यूमर के साथ बुना है, वह इसे बेहद दिलचस्प बनाता है. इसकी 6.9 की IMDb रेटिंग ही इसकी सफलता का प्रमाण है.

कंट्रोल (CTRL)- विक्रमादित्य मोटवानी की यह फिल्म आज के 'डिजिटल युग' के खतरों को बयां करती है. अनन्या पांडे और विहान सम्राट स्टारर यह कहानी एक इन्फ्लुएंसर कपल की है. जब बॉयफ्रेंड धोखा देता है, तो लड़की उसे मिटाने के लिए एआई (AI) ऐप का सहारा लेती है, लेकिन वही ऐप उसकी जिंदगी का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेती है. यह फिल्म एआई और सोशल मीडिया के डरावने सच को दिखाती है.