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‘वो तुम्हें बर्बाद कर देंगे..’, जब विनोद खन्ना ने इस डायरेक्टर को भेजा था Osho का धमकी भरा मैसेज!

दार्शनिक गुरु ओशो को मानने वालों को लिस्ट में तमाम बॉलीवुड सेलेब्स है. इस लिस्ट में सबसे पहला नाम विनोद खन्ना का है. जो कि कहा जाता है कि लंबे वक्त तक ओशो की शरण में रहे है. हालांकि विनोद खन्ना के अलावा एक डायरेक्टर भी लंबे वक्त तक ओशो की शरण में रहे, लेकिन जब उसने उनके आश्रण को छोड़ा तो उसे वापस बुलाने के लिए विनोद खन्ना के जरिए ओशो ने एक धमकी भरा मैसेज भिजवाया था और कहा था कि वो तुम्हें बर्बाद कर देगे वापस आ जाओ.

दरअसल, हम बात कर रहे हैं महेश भट्ट की. अरबाज खान के इंटरव्यू में महेश भट्ट ने इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने ही विनोद खन्ना को ओशो से मिलवाया था. महेश भट्ट ने इस दौरान बताया कि जब उनका ओशो से मन उठ गया था तो उन्होंने उनकी माला कमोड में डाल दी थी. जिसके बाद महेश भट्ट को ओशो की तरफ से धमकी भरा कॉल आया था.

वहीं, महेश ने अरबाज के शो में बताया कि कैसे ओशो ने उन्हें धमकी भरा मैसेज भेजा था. उन्होंने कहा, " मैं एक नॉर्मल आदमी था. मैंने विश्वासघात और मंजिलें और भी हैं, जैसी फिल्में बनाईं, जो कि फ्लॉप हो गईं. इसलिए फिर मैं आध्यात्म की ओर चल पड़ा. मैं ओशो रजनीश के पास गया, जो पुणे के एक करिश्माई गुरु थे. मैंने खुद को उनसे आगे समर्पित कर दिया. भगवा कपड़े और दिन में पांच बार मेडिटेशन.मैं ये सब करने लगा था.

इस इंटरव्यू के दौरान महेश ने विनोद से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया, " मैं विनोद खन्ना को रजनीश ओशो के पास ले गया था. मैंने उनसे अपना कनेक्शन तोड़ा, लेकिन विनोद का सफर जारी रहा. मैंने उनकी माला तोड़ दी और उसे कमोड में फेंक दिया. मैंने सोचा कि मुझसे अभी भी जलन की भावना है, लेकिन मैं पवित्र शब्दों को बोलता रहता हूं. मुझे खुद में एक पाखंडी जैसा फील होता था. मैं दुनिया और खुद से झूठ नहीं बोल सकता था. "

महेश ने आगे बताया ओशो को जब इसके बारे में पता चला तो वह खासा नाराज थे और उन्होंने विनोद के जरिए एक मैसेज भिजवाया. उन्होंने बताया, "विनोद ने मुझे फिल्मिस्तान से फोन किया और कहा कि भगवान बहुत गुस्से में हैं. तुमने माला तोड़ दी और उसे कमोड में फेंक दिया. मैंने कहा कि हां मैंने ऐसा किया. यह बेका है. मैं एक बहुत बड़ा बेवकूफ हूं.

महेश भट्ट ने बताया कि विनोद ने उनसे कहा था कि, "भगवान ने कहा है कि महेश से कहो कि वापस आ जाएं और माला खुद आकर दे, नहीं तो.. और फिर विनोद ने अपनी आवाज धीमी कर ली और फिर कहा, वह तुम्हें बर्बाद कर देंगे." बता दें कि ओशो ने खुद अपनी किताब द99 नेम्स ऑफ नथिंगनेस में भी उन्होंने महेश भट्ट के साथ झगड़े का जिक्र किया था.

बता दें कि विनोद खन्ना एक ऐसे एक्टर थे, जो कि अमिताभ बच्चन जैसे एक्टर्स के स्टारडम को भी टक्कर देते थे. हालांकि सुपरस्टार की लिस्ट में आने वाले विनोद खन्ना ने उस वक्त सभी को झटका दे दिया जब उन्होंने एक्टिंग छोड़कर अचानक संन्यास ले लिया. वह तब ओशो की शरण में चले गए. विनोद ने अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर 1980 के दशक में अमेरिका के ओरेगन में रजनीश ओशो के धार्मिक कम्युनिटी रजनीशपुरम को ज्वाइन कर लिया और वो वहां उनके आश्रम में माली का काम करते थे. यहां तक कि विनोद ने अपना नाम बदलकर स्वामी विनोद भारती कर लिया था और लगभग पांच साल तक उन्होंने अध्यात्म का रास्ता अपनाया, लेकिन फिर सब छोड़ दिया.