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बॉलीवुड का वो सुपरस्टार, जिसकी चार हफ्ते में रिलीज हुईं 4 फिल्में; सभी रहीं हिट

बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार साल में अपनी चार फिल्मों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा दौर भी था जब अमिताभ बच्चन का सिक्का इस कदर चलता था कि उनकी एक साल नहीं, बल्कि एक ही महीने में चार फिल्में रिलीज हुई थीं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये चारों फिल्में न केवल रिलीज हुईं, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर जमकर धमाल भी मचाया.

1978: बॉक्स ऑफिस पर 'शहंशाह' का कब्जा- साल 1978 अमिताभ बच्चन के करियर का सबसे यादगार साल माना जाता है. 20 अप्रैल से 12 मई के बीच यानी मात्र 22 दिनों के भीतर बिग बी की चार बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में उतरीं. उस दौर में यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि एक ही अभिनेता की इतनी सारी फिल्में एक साथ चल रही हों और दर्शक हर फिल्म के लिए कतारों में खड़े हों.

'कसमे वादे' (20 अप्रैल 1978)- इस सिलसिले की शुरुआत हुई फिल्म 'कसमे वादे' से, जिसमें अमिताभ बच्चन डबल रोल में नजर आए थे. फिल्म में उनके साथ राखी और रणधीर कपूर भी थे. अमित जी के दो अलग-अलग अंदाज वाले किरदारों को दर्शकों ने खूब सराहा और फिल्म सुपरहिट रही.

'बेशर्म' और 'त्रिशूल' (28 अप्रैल और 5 मई 1978)- 'कसमे वादे' के ठीक एक हफ्ते बाद 28 अप्रैल को 'बेशर्म' रिलीज हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखी. इसके अगले ही हफ्ते यानी 5 मई को आई कल्ट क्लासिक फिल्म 'त्रिशूल'. संजीव कुमार और शशि कपूर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने 'एंग्री यंग मैन' की छवि को और मजबूत किया और छप्परफाड़ कमाई की.

'डॉन' का भौकाल (12 मई 1978)- महीने के अंत में 12 मई को रिलीज हुई फिल्म 'डॉन', जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदल दिए. जीनत अमान और प्राण के साथ अमिताभ की इस फिल्म ने ऐसा जादू चलाया कि यह उस साल की तीसरी सबसे बड़ी हिट बनी. 'डॉन' के डायलॉग्स और गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं.

आज के दौर में नामुमकिन है यह रिकॉर्ड- आज जहां बड़े सितारे अपनी फिल्मों के बीच महीनों का अंतर रखते हैं, जिससे बिजनेस प्रभावित न हो, वहीं अमिताभ बच्चन ने 1978 में यह साबित कर दिया था कि अगर स्टारडम चरम पर हो और कंटेंट दमदार, तो फिल्में आपस में टकराने के बावजूद इतिहास रच सकती हैं.