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38 साल पुरानी इस सीरीज को देख कांप उठेगा शरीर, दंगे की कहानी झकझोरकर रख देगी

38 साल पहले आई ये टीवी सीरीज आज एक फिल्म के रूप में मौजूद है. पहली बार ये सीरीज दूरदर्शन पर 1988 में रिलीज हुई थी. ये साल 1974 के एक हिंदी उपन्यास पर आधारित है. इसमें भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान की कहानी दिखाई गई है. चलिए इसके बारे में जानते हैं.

ओटीटी पर आज आपको अनगिनत वेब सीरीज और फिल्में मिल जाएंगी. लेकिन 38 साल पहले आई इस टीवी सीरीज की बात ही अलग है. खास बात ये है कि इसे आप यूट्यूब पर बिल्कुल फ्री में देख सकते हैं. सबसे पहले ये सीरीज दूरदर्शन पर आई थी. बाद में इसे यूट्यूब पर एक फिल्म के रूप में रिलीज किया गया.

भारत विभाजन की त्रासदी पर आधारित इस फिल्म की कहानी देखकर आपकी रूह कांप उठेगी. चार घंटे 57 मिनट की इस फिल्म को पहले दूरदर्शन पर छह एपिसोड में प्रसारित किया गया था. जी हम बात कर रहे हैं मशहूर उपन्यासकार भीष्म साहनी के उपन्यास पर आधारित सीरीज 'तमस' की.

'तमस (Tamas)' की कहानी भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान की एक मार्मिक कहानी कहती है. इसकी कहानी 1947 के विभाजन से पहले एक शहर की है. जिसमें एक गरीब नत्थू (ओम पुरी) को पैसे के लालच में एक सुअर मारने के लिए कहा जाता है और मस्जिद के पास फेंक दिया जाता है. इससे समाज में सांप्रदायिक तनाव भड़क उठता है और दंगे शुरू हो जाते हैं.

सीरीज में इस दंगे से पीड़ित कई परिवारों की कहानियां दिखाई गई हैं. इसके सीन्स देखकर आप सोच में पड़ जाएंगे. इसके कुछ सीन्स आपको अंदर से झकझोरकर रख देंगे.

साल 1988 में ये सीरीज दूरदर्शन पर आई. इसमें 6 एपिसोड थे, जिसे बाद में 4 घंटे 57 मिनट की फिल्म के रूप में यूट्यूब पर रिलीज किया गया. इसकी कहानी ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया. इस शो ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीते. इसमें ओम पुरी, दीपा साही, अमरीश पुरी, पंकज कपूर जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म में खुद भीष्म साहनी भी नजर आए थे.