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Rajpal Yadav 9 करोड़ के चक्कर में तिहाड़ जेल कैसे पहुंचे? समझिए पूरा मामला

Rajpal Yadav: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन एक्टर राजपाल यादव इन दिनों गंभीर समस्या में फंस गए हैं. फरवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में अपना आत्मसमर्पण कर दिया है. ये पूरा मामला चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया शामिल है. उनके जेल जाने के बाद इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों और फैंस ने उनके प्रति चिंता जताई है. आइए जानते हैं इस मामले अबतक क्या हुआ और ये पूरा मामला क्या है.

आइए राजपाल यादव के इस केस को एक सिरे से समझते हैं. सबसे पहली बात 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को तिहाड़ जेल जाना पड़ा. दिल्ली हाई कोर्ट ने पैसे जमा करने की डेडलाइन बढ़ाने से साफ इनकार किया.

ऐसे में 5 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में खुद का सरेंडर कर दिया. जेल जाने से पहले राजपाल भावुक हुए, उन्होंने कहा -"मेरे पास पैसे नहीं हैं, कोई रास्ता नहीं दिखता". उनका ये बयाना इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ और उनके फैंस चिंता में आ गए.

बता दें 2010 में राजपाल यादव ने अपनी पहली फिल्म बनाना चाहा था. इसके लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से उन होने 5 करोड़ का लोन लिया. सूत समेत 8 करोड़ लौटाने का समझौता हुआ, बाद में 7 करोड़ तय किया गया.

इसके बाद साल 2012 में राजपाल यादव की फिल्म अता पता लापता रिलीज हुई, जो सिर्फ 38 लाख की कमाई कर पाई. ऐसे में लोन चुकाने के लिए राजपाल यादव की तरफ से कंपनी को दिए गए 7 चेक बाउंस हो गए.

इसी केस में 2018 में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत राजपाल यादव को दोषी बनाया गया और उन्हें तीन महीने की जेल की सजा हुई, हालांकि बाद में बेल मिल गई.

2024 में कोर्ट ने फिर बकाया चुकाने का आदेश दिया, जो ब्याज जोड़कर कर्ज करीब 9 करोड़ पहुंच चुका था. अक्टूबर 2025 में राजपाल ने 75 लाख जमा किया और बाकी रकम नहीं दी. दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के वादे भी पूरे नहीं हुए.

ऐसे में कोर्ट ने साफ कहा - 20 बार वादा तोड़ा, अब छह महीने की सजा काटनी होगी. अब राजपाल यादव तिहाड़ जेल पहुंच गए हैं. ऐसे में उन्हें आम लोगों में सहानुभूति मिल रही है. इस मामले में सबसे पहले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने क्राउड फंडिंग की अपील की और साथ देने का वादा किया.

बता दें राजपाल यादव इससे पहले भी जेल जा चुके हैं. साल 2013 में उन्हें झूठे हलफनामें के मामले में 3 दिन तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था.