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बॉलीवुड का वो सुपरस्टार, जिसने अमिताभ बच्चन और रजनीकांत को 3 दिन तक कराया इंतजार; लेकिन इस डायरेक्टर के सामने पड़ गया था ढीला!

बॉलीवुड में गोविंदा की प्रतिभा पर कभी किसी को शक नहीं रहा, लेकिन उनके करियर के ढलान की सबसे बड़ी वजह उनकी लेट लतीफी मानी जाती थी. सालों से यह मशहूर था कि गोविंदा के लिए सेट पर समय से आना नामुमकिन है. हालांकि, मशहूर निर्देशक प्रियदर्शन ने इस धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि गोविंदा के साथ काम करने को अपनी 'पद्म श्री' से भी बड़ी उपलब्धि बता दिया.

पद्म श्री से बड़ी उपलब्धि- निर्देशक प्रियदर्शन ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया. उन्होंने बताया कि जब उन्हें पद्म श्री मिला, तो उनसे पूछा गया कि क्या यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है? प्रियदर्शन का जवाब हैरान करने वाला था. उन्होंने कहा, "नहीं, मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि गोविंदा और सलमान खान को सुबह 5 बजे सेट पर बुलाना और फिल्म समय पर पूरी करना है."

काम करने से पहले दी थी सख्त चेतावनी- फिल्म 'भागम भाग' की शूटिंग शुरू होने से पहले प्रियदर्शन ने गोविंदा को साफ शब्दों में कह दिया था, "मैंने आपके बारे में बहुत सी बातें सुनी हैं. अगर आप समय पर नहीं आ सकते, तो यह फिल्म मत कीजिए." प्रियदर्शन की यह सीधी बात काम कर गई और गोविंदा पूरी फिल्म के दौरान अनुशासन में रहे.

'लेखक' गोविंदा और प्रियदर्शन की नोकझोंक- गोविंदा अपनी कॉमेडी और संवादों में सुधार (improvisation) के लिए जाने जाते हैं. प्रियदर्शन ने याद किया कि गोविंदा अक्सर अपनी पंक्तियां खुद जोड़ देते थे. इस पर निर्देशक ने मजाकिया लहजे में उनसे कहा, "मैं पहले ही नीरज वोहरा (लेखक) को पैसे दे रहा हूँ, मुझे किसी और लेखक की जरूरत नहीं है." हालांकि, प्रियदर्शन ने उनके स्वाभाविक अभिनय की जमकर तारीफ भी की.

जब अमिताभ और रजनीकांत भी करते रह गए इंतजार- गोविंदा की देरी के किस्से फिल्म 'हम' (1991) के सेट से भी जुड़े हैं. सह-कलाकार विजय पाटकर ने खुलासा किया कि एक सीन के लिए अमिताभ बच्चन और रजनीकांत जैसे दिग्गज सुबह से तैयार रहते थे, लेकिन गोविंदा के न आने के कारण तीन दिनों तक शूटिंग नहीं हो पाई. अंत में निर्देशक के बार-बार अनुरोध करने पर चौथे दिन वे सेट पर पहुंचे थे.

एक शानदार कमबैक की मिसाल- प्रियदर्शन के साथ गोविंदा का अनुभव यह साबित करता है कि जब सही निर्देशक और स्पष्ट संवाद हो, तो बड़े से बड़ा सितारा भी अनुशासन दिखा सकता है. 'भागम भाग' में गोविंदा की समय की पाबंदी ने उन सभी निर्माताओं को चुप करा दिया था जो उनके साथ काम करने से डरते थे.