Wednesday, 18 March, 2026

---विज्ञापन---

बॉलीवुड की वो मनहूस फिल्म, जिसे बनाने में लगे 23 साल; रिलीज से पहले ही सबकी हो गई मौत!

फिल्म इंडस्ट्री में कुछ प्रोजेक्ट्स ऐसे होते हैं जो वक्त की मार झेलते हैं, लेकिन 'लव एंड गॉड' के साथ जो हुआ वह किसी डरावनी फिल्म की स् जैसा लगता है. निर्देशक के. आसिफ 'मुगल-ए-आजम' के बाद लैला-मजनू की कहानी को बड़े पर्दे पर उतारना चाहते थे. उन्होंने 1963 में इसकी शूटिंग शुरू की, लेकिन उन्हें क्या पता था कि इस फिल्म को पूरा होने में दो दशक से ज्यादा का समय लगेगा और तब तक न वो खुद जिंदा रहेंगे और न ही उनके फिल्म के सितारे. इसे बॉलीवुड की सबसे बदकिस्मत फिल्म माना जाता है.

पहले हीरो की अचानक मौत- के. आसिफ ने इस फिल्म को 'गुरु दत्त' के साथ शुरू किया था. कुछ हिस्सा शूट भी हो चुका था, लेकिन 1964 में गुरु दत्त की अचानक मौत हो गई. फिल्म ठप हो गई और आसिफ को पूरी फिल्म दोबारा से शुरू करनी पड़ी.

संजीव कुमार की एंट्री और डायरेक्टर का निधन- गुरु दत्त के बाद संजीव कुमार को हीरो चुना गया. लेकिन 1971 में फिल्म के कैप्टन यानी डायरेक्टर के. आसिफ का सिर्फ 48 साल की उम्र में निधन हो गया. फिल्म का काम फिर से अधर में लटक गया.

हीरो की भी हो गई मौत- सालों बाद के. आसिफ की पत्नी ने फिल्म को पूरा करने का बीड़ा उठाया. शूटिंग फिर शुरू हुई, लेकिन 1985 में फिल्म के मुख्य अभिनेता संजीव कुमार का भी दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. फिल्म के एक और अहम कलाकार प्राण भी इस दौरान काफी बीमार रहने लगे थे.

23 साल का लंबा इंतजार- जो फिल्म 1963 में शुरू हुई थी, वह आखिरकार 1986 में रिलीज हो पाई. फिल्म को पूरा करने के लिए बॉडी डबल्स (हमशक्ल) और पुराने फुटेज का सहारा लिया गया. फिल्म के लीड एक्टर्स और डायरेक्टर इसे स्क्रीन पर देखने के लिए दुनिया में मौजूद नहीं थे.

बॉक्स ऑफिस पर हश्र- इतनी त्रासदियों और लंबे इंतजार के बाद जब फिल्म रिलीज हुई, तो दर्शक इससे जुड़ नहीं पाए. इतने सालों में सिनेमा बदल चुका था, जिसकी वजह से यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई. आज इसे केवल इसके साथ हुई अनहोनी घटनाओं के लिए याद किया जाता है.

First published on: Jan 31, 2026 04:31 PM

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.