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बॉलीवुड का वो खूंखार खलनायक, जिसने की 450 से ज्यादा फिल्में, फिर भी कभी नहीं मिला बेस्ट विलेन का अवॉर्ड
Bollywood Iconic Villain: बॉलीवुड इंडस्ट्री में जितने ज्यादा हीरो जरूरी होते हैं, उससे कई गुना ज्यादा फिल्मों को खूंखार विलेन की जरूरत होती है. आज हम आपको बॉलीवुड के एक ऐसे खूंखार खलनायक के बारे में बताने वाले हैं, जिसने 50 साल के करियर में 450 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें कभी बेस्ट विलेन या बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड नहीं मिला.
हम हिन्दी सिनेमा के जिस विलेन की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि अमरीश पुरी हैं. उन्होंने अपने 50 साल के एक्टिंग करियर में 450 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. इनमें से ज्यादातर फिल्मों में उन्होंने विलेन का किरदार निभाया.
अमरीश पुरी का जन्म पंजाब के नवांशहर में 22 जून 1932 को हुआ था. उनका पूरा नाम अमरीश लाल पुरी था. उन्होंने शिमला के बीएम कॉलेज से बीए की डिग्री ली थी. उनके कजिन भाई केएल सहगल फिल्मों में काम करते थे.
अमरीश पुरी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्मों से नहीं, बल्कि थिएटर से की थी, जहां उन्होंने सालों तक काम किया और अपनी कला को निखारा.
साल 1970 में आई फिल्म 'प्रेम पुजारी' से बॉलीवुड में कदम रखते हैं, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया. एक टाइम पर बॉलीवुड के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर बन गए थे.
एफसोस की बात है कि बॉलीवुड को मोगेमबो जैसा आइकॉनिक विलेन देने वाले एक्टर को कभी बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवार्ड नहीं मिला. इसके अलावा अमरीश पुरी को ना तो कभी पद्मश्री, ना पद्म भूषण और ना दादा साहेब फाल्के अवार्ड दिया गया है.