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बॉलीवुड का वो डायरेक्टर, जिसने खुद की भांजी से की थी शादी; परिवार वालों ने किया था विरोध

बॉलीवुड के सुनहरे दौर में 'आनंद ब्रदर्स' की जोड़ी ने सिनेमा को 'गाइड' और 'ज्वेल थीफ' जैसी कालजयी फिल्में दीं. लेकिन इस चमक-धमक वाली दुनिया के पीछे एक ऐसी हकीकत भी छिपी थी, जिसने तत्कालीन समाज और नैतिकता के मापदंडों को हिला कर रख दिया था. यह कहानी है दिग्गज निर्देशक विजय आनंद (गोल्डी) की, जिन्होंने प्यार के लिए अपनों और समाज, दोनों से बगावत कर दी थी.

सिनेमा का वह जादुई निर्देशक- विजय आनंद, देव आनंद के सबसे छोटे भाई थे और उन्हें बॉलीवुड का सबसे दूरदर्शी निर्देशक माना जाता था. उन्होंने ही 'तीसरी मंजिल' और 'जहरीला इंसान' जैसी फिल्मों से सस्पेंस और थ्रिलर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया. लेकिन जितना सस्पेंस उनकी फिल्मों में था, उससे कहीं ज्यादा उथल-पुथल उनकी निजी जिंदगी में तब मची, जब उन्होंने अपनी शादी का फैसला सुनाया.

भांजी के साथ प्रेम और सामाजिक वर्जनाएं- विजय आनंद की सगी बहन शील कांता कपूर (जो शेखर कपूर की मां थीं) की बेटी सुषमा कोहली उनकी सगी भांजी थीं. मामा-भांजी के इस रिश्ते में जब प्यार का अंकुर फूटा, तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री सन्न रह गई. सत्तर के दशक में खून के इतने नजदीकी रिश्ते में विवाह की बात सोचना भी पाप माना जाता था.

भाइयों का विरोध और पारिवारिक दरार- जब विजय आनंद ने अपने भाइयों—चेतन आनंद और देव आनंद—के सामने सुषमा से शादी की इच्छा जाहिर की, तो परिवार में 'महाभारत' छिड़ गई. भाइयों ने इसे न केवल अनैतिक बताया, बल्कि 'हिंदू मैरिज एक्ट' का हवाला देते हुए इसे कानूनी रूप से गलत करार दिया. देव आनंद जैसे उदारवादी भाई भी इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे.

1978 की वह गुपचुप शादी- समाज, धर्म और परिवार के कड़े विरोध के बावजूद विजय आनंद अपने फैसले से पीछे नहीं हटे. उन्होंने साल 1978 में सुषमा कोहली से गुपचुप तरीके से विवाह कर लिया. इस शादी की खबर ने उस समय मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरीं और उन्हें लंबे समय तक अपने ही परिवार के बहिष्कार का सामना करना पड़ा.

अंत तक निभाया प्यार का वादा- तमाम आलोचनाओं और विवादों के बीच विजय और सुषमा का रिश्ता बेहद मजबूत रहा. उनका एक बेटा हुआ, जिसका नाम विभु आनंद रखा गया. दुनिया भले ही उन्हें अजीब नजरों से देखती रही, लेकिन सुषमा ने साल 2004 में विजय आनंद के निधन तक उनका साथ पूरी वफादारी से निभाया. यह रिश्ता बॉलीवुड के इतिहास में सबसे विवादित लेकिन सबसे अटूट प्रेम कहानियों में से एक बनकर दर्ज हो गया.