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Netflix पर गर्दा उड़ा रही ये धमाकेदार सस्पेंस मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्म, क्लाइमेक्स देख खुली रह जाएंगी आंखें

अगर आप डरावनी कहानियों के साथ-साथ एक गहरा सामाजिक संदेश देखना पसंद करते हैं, तो नेटफ्लिक्स की फिल्म 'बुलबुल' आपके लिए बेस्ट है. 19वीं सदी के बंगाल की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म एक नन्हीं वधू 'बुलबुल' के मासूम सफर से शुरू होती है, जो आगे चलकर एक खौफनाक त्रासदी में बदल जाता है. अन्विता दत्त के निर्देशन में बनी यह फिल्म केवल भूतों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो महिलाओं पर जुल्म करते हैं. तृप्ति डिमरी की बेमिसाल अदाकारी और फिल्म की जादुई दुनिया आपको अंत तक बांधे रखेगी.

बंगाल की रहस्यमयी हवेली, लाल रोशनी में डूबा जंगल और 'चुड़ैल' का खौफ! 'बुलबुल' एक ऐसी सस्पेंस-थ्रिलर है जो आपको डराने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर देगी. तृप्ति डिमरी और अविनाश तिवारी की यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर अपनी बेहतरीन कहानी की वजह से ऑडियंस को पसंद आ रही है.

19वीं सदी के बंगाल का रहस्य- फिल्म की कहानी 1881 के बंगाल की है, जहां एक अमीर जमींदार परिवार की हवेली में रहस्यमयी मौतें होने लगती हैं. कहानी बुलबुल नाम की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी शादी बचपन में एक बड़े जमींदार से कर दी जाती है. हवेली का सन्नाटा और पुरानी रस्में फिल्म में सस्पेंस को शुरू से ही बढ़ा देती हैं.

जुल्म और इंसाफ की दास्तां- यह कोई साधारण हॉरर फिल्म नहीं है. यह बदले की एक ऐसी कहानी है जो दर्शकों के दिल को झकझोर देती है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक मासूम बुलबुल पर अत्याचार होता है और फिर गांव में एक 'उल्टे पैर वाली चुड़ैल' का खौफ फैल जाता है. यह 'चुड़ैल' सिर्फ उन्हीं का शिकार करती है जो समाज में कमजोरों और महिलाओं पर जुल्म करते हैं.

तृप्ति डिमरी का जादुई अवतार- आज की 'नेशनल क्रश' तृप्ति डिमरी ने इस फिल्म में कमाल का अभिनय किया है. एक डरी-सहमी बच्ची से लेकर हवेली की एक शक्तिशाली और रहस्यमयी मालकिन बनने तक का उनका बदलाव काबिले-तारीफ है. उनके साथ राहुल बोस, पाओली दाम और अविनाश तिवारी जैसे मंझे हुए कलाकारों ने फिल्म को अभिनय के शिखर पर पहुंचाया है.

अद्भुत विजुअल्स और लाल रोशनी का जादू- फिल्म के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी ने लाल रंग का बहुत ही बेहतरीन इस्तेमाल किया है. खौफनाक दृश्यों को लाल रोशनी में जिस तरह फिल्माया गया है, वह डरावना होने के साथ-साथ काफी खूबसूरत भी लगता है. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक सस्पेंस को और ज्यादा गहरा कर देता है, जिससे दर्शक स्क्रीन से नजर नहीं हटा पाते.