---विज्ञापन---
2 घंटे 3 मिनट की बेहद दमदार मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म, हर सीन में छिपा है सस्पेंस

सस्पेंस और थ्रिलर के मामले में साउथ फिल्म इंडस्ट्री का कोई मुकाबला नहीं है. इसी कड़ी में फिल्म 'किष्किंधा कांडम' (Kishkindha Kaandam) एक ऐसी फिल्म बनकर उभरी है, जिसकी रहस्यमयी कहानी आपके दिमाग को पूरी तरह हिलाकर रख देगी. 2 घंटे से ज्यादा के रनटाइम वाली यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गहरा साइकोलॉजिकल सफर है. आईएमडीबी (IMDb) पर 8/10 की शानदार रेटिंग हासिल करने वाली यह मूवी अब ओटीटी पर 'मस्ट वॉच' की लिस्ट में शामिल हो चुकी है. अगर आप असली सिनेमाई अनुभव के भूखे हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है.

बंदरों के राज और रहस्यमयी कंकाल की कहानी- फिल्म की शुरुआत एक जंगल से होती है, जहां बंदरों का राज है. कहानी में मोड़ तब आता है जब पुलिस को जंगल में एक बंदर का कंकाल मिलता है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच जाता है. अफवाह फैलती है कि जंगल में एक ऐसा बंदर है जिसके पास बंदूक है. यह अजीबोगरीब प्लॉट फिल्म के प्रति उत्सुकता को पहले ही मिनट से बढ़ा देता है.

बीमारी, याददाश्त और रहस्य का मेल- फिल्म में एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर का किरदार है, जो भूलने की बीमारी (Dementia) से जूझ रहा है. कहानी तब और पेचीदा हो जाती है जब उसका नवविवाहित बेटा और बहू उस इलाके में रहने आते हैं. उन्हें वहां पेड़ों पर टंगे रेडियो और कुछ ऐसी चीजें मिलती हैं, जिनका जवाब किसी के पास नहीं होता.

दिमाग हिला देने वाला कनेक्शन- फिल्म की खूबसूरती इस बात में है कि यह दो अलग-अलग कहानियों (बंदरों का रहस्य और आर्मी ऑफिसर की निजी जिंदगी) को एक ऐसे बिंदु पर जोड़ती है, जिसकी कल्पना आप फिल्म के अंत तक नहीं कर पाएंगे. हर सीन एक नया सवाल खड़ा करता है और सस्पेंस की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं.

क्यों मानी जाती है मास्टरपीस?- 'किष्किंधा कांडम' को एक मास्टरपीस इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी कहानी पूरी तरह से ओरिजिनल है. यह फिल्म डराने के लिए भारी-भरकम साउंड या जंपस्केयर का सहारा नहीं लेती, बल्कि अपनी शांत और रहस्यमयी स्क्रिप्ट के जरिए दर्शकों को मनोवैज्ञानिक (Psychological) रूप से बांधे रखती है.

कहां देख सकते हैं?- अगर आप इस बेमिसाल सिनेमाई अनुभव का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) पर मौजूद है. फिल्म का हर सीन आपको सोचने पर मजबूर कर देगा और खत्म होने के बाद भी इसका असर आपके दिमाग पर बना रहेगा.