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Jio Hotstar पर मौजूद 1 घंटा 51 मिनट की तगड़ी हॉरर मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्म, कहानी में मिलेगा जबरदस्त सस्पेंस

अगर आप मनोवैज्ञानिक रहस्यों और सस्पेंस वाली कहानियों के शौकीन हैं, तो सारा अली खान और विक्रांत मैसी की फिल्म 'गैसलाइट' (Gaslight) ओटीटी पर एक 'मस्ट-वॉच' थ्रिलर बनकर उभरी है. यह फिल्म न केवल एक मर्डर मिस्ट्री है, बल्कि यह इंसानी दिमाग के साथ खेले जाने वाले खतरनाक खेल 'गैसलाइटिंग' को भी बखूबी दर्शाती है.

क्या है 'गैसलाइटिंग' का खेल?- फिल्म का शीर्षक ही इसकी सबसे बड़ी खूबी है. 'गैसलाइटिंग' एक ऐसी मनोवैज्ञानिक स्थिति है जहाँ किसी व्यक्ति को इस कदर भ्रमित कर दिया जाता है कि वह अपनी ही याददाश्त और सच्चाई पर शक करने लगता है. फिल्म में मीशा (सारा अली खान) के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है, जिससे दर्शकों के मन में लगातार यह सवाल बना रहता है कि क्या जो मीशा देख रही है वो सच है या सिर्फ उसका भ्रम?

महल, मौत और गहरी साजिश- कहानी की शुरुआत तब होती है जब मीशा सालों बाद अपने पुश्तैनी महल में लौटती है. वहां उसे अपने पिता की मौजूदगी का अहसास होता है, जबकि उसे बताया जाता है कि वे शहर से बाहर हैं. धीरे-धीरे उसे अहसास होता है कि उसके पिता की मौत हो चुकी है और परिवार का ही कोई सदस्य उसे धोखा दे रहा है. 1 घंटे 51 मिनट की यह फिल्म अंत तक आपको यह सोचने पर मजबूर रखती है कि असली कातिल कौन है.

कलाकारों का दमदार प्रदर्शन- सारा अली खान एक डरी हुई लेकिन सच की तलाश में जुटी लड़की के रूप में सारा ने प्रभावशाली अभिनय किया है. विक्रांत मैसी हमेशा की तरह विक्रांत ने एक रहस्यमयी किरदार निभाया है, जिसकी परतों को समझना दर्शकों के लिए आसान नहीं होता. चित्रांगदा सिंह फिल्म में उनका ग्रेस और सस्पेंस भरा अंदाज कहानी को और भी रोचक बनाता है.

'व्होडनिट' स्टाइल थ्रिलर- यह एक क्लासिक 'व्होडनिट' थ्रिलर है. पुरानी हवेली का डरावना माहौल, गुप्त गलियारे और परिवार के छिपे हुए राज इसे 'अंधाधुन' और 'दृश्यम' जैसी फिल्मों की श्रेणी में खड़ा करते हैं. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर इसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन ओटीटी पर यह अपनी कसी हुई पटकथा के कारण टॉप पर बनी हुई है.

जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध- अगर आप इस वीकेंड घर बैठे कुछ रोमांचक देखना चाहते हैं, तो 'गैसलाइट' जिओ हॉटस्टार (Jio Hotstar) पर स्ट्रीम कर रही है. यह फिल्म उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें लंबी और उबाऊ कहानियों के बजाय पॉइंट-टू-पॉइंट सस्पेंस देखना पसंद है.