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Drishyam से भी खतरनाक निकली 1 घंटे 45 मिनट की ये धांसू सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म, क्लाइमेक्स में मिलेगा बड़ा रहस्य

अगर आप 'दृश्यम' जैसी फिल्मों के प्रशंसक हैं और किसी ऐसी मर्डर मिस्ट्री की तलाश में हैं जो आपके दिमाग की कसरत करवा दे, तो 'ध्रुवंगल पतिनारु' (Dhuruvangal Pathinaaru) यानी D-16 आपके लिए एक 'मस्ट-वॉच' फिल्म है. 2016 में रिलीज हुई यह तमिल फिल्म आज भी साउथ की बेहतरीन सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों की सूची में टॉप पर बनी हुई है.

मात्र 21 साल के डायरेक्टर का मास्टरस्ट्रोक- इस फिल्म की सबसे हैरान करने वाली बात इसके निर्देशक कार्तिक नरेन हैं. जब उन्होंने यह फिल्म बनाई, तब उनकी उम्र महज 21 साल थी. उन्होंने बिना किसी फालतू गाने, मसाला या बड़े बजट के यह साबित कर दिया कि एक 'शार्प' स्क्रीनप्ले और जबरदस्त विजन के दम पर कैसी विश्वस्तरीय फिल्म बनाई जा सकती है.

एक रात, तीन घटनाएं और उलझा हुआ रहस्य- फिल्म की कहानी एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर दीपक (रहमान) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने एक पुराने केस की जांच के दौरान अपना एक पैर गंवा दिया था. कहानी उस एक रात की है जहां तीन अलग-अलग घटनाएं—एक एक्सीडेंट, एक सुसाइड और एक मर्डर—एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे छोटी-छोटी कड़ियां मिलकर एक बड़ा सच बनाती हैं.

'दृश्यम' से भी गहरा सस्पेंस- फिल्म की तुलना अक्सर 'दृश्यम' से की जाती है क्योंकि इसकी कहानी सीधी चलने के बजाय परतों में खुलती है. हर बार जब आपको लगता है कि आपने कातिल को पकड़ लिया है, तभी कहानी एक नया मोड़ ले लेती है. पुलिस की बारीकी से की गई जांच और सबूतों का जाल दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है.

क्लाइमैक्स जो कर देगा सुन्न- 'D-16' का असली जादू इसके आखिरी 10-15 मिनट में है. फिल्म का अंत इतना अप्रत्याशित (Unpredictable) है कि आप इसकी कल्पना भी नहीं कर पाएंगे. क्लाइमैक्स का खुलासा होने पर दर्शक दंग रह जाते हैं, और यही इस फिल्म की सबसे बड़ी जीत है.

जियो हॉटस्टार पर है मौजूद- सिर्फ 1 घंटे 45 मिनट की यह फिल्म समय की बर्बादी बिल्कुल नहीं करती. इसे IMDb पर 8.2 की शानदार रेटिंग मिली है. अगर आप इस वीकेंड कुछ थ्रिलिंग देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) पर उपलब्ध है.