Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ इन दिनों सुर्खियों में हैं. फिल्म नाम सामने आते ही दर्शक भड़क गए थे. फिल्म के टाइटल को लेकर पूरे देशभर में आक्रोश देखने को मिला. जिसके बाद फिल्म का नाम बदलने को कहा गया. ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच, जिसमें याचिकाकर्ता ने टाइटल को बदनाम करने वाला और साम्प्रदायिक रूप से आपत्तिजनक बताया था. याचिकाकर्ता का आरोप था कि फिल्म का नाम और विषय हिंदू पुजारियों और एक समुदाय की इमेज खराब करता है.
Netflix ने नाम बदलने की कही बात
आज 10 फरवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर अहम् फैसला लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिल्म के नाम और उसके विषय से जुड़े विवादित पहलुओं पर सुनवाई की. सुनवाई में सामने आया कि नेटफ्लिक्स ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि वो फिल्म का टाइटल बदलेंगे और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने बताया कि विवादित टाइटल वाला सारा प्रमोशनल कंटेंट पहले ही सोशल मीडिया से हटा दिया गया है.
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ में मनोज बाजपेयी ने लीड रोल निभाया है. हाल ही में नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म की पहली झलक जारी की थी, जिसके आते ही ये फिल्म विवादों में घिर गई. फिल्म के टाइटल को लेकर खूब बवाल हुआ. इसके नाम में शामिल शब्द ‘पंडत’ को लेकर मेकर्स की कड़ी आलोचना हुई. फिल्मी और राजनीती दुनिया से जुड़े कई लोगों ने इसका विरोध किया था. संघ के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने ‘पंडत’ शब्द के इस्तेमाल को खास समुदाय का अपमान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की. उन्होंने साफ कहा था कि जब तक इस मुद्दे का संतोषजनक समाधान नहीं होता, FWICE निर्माताओं को किसी भी प्रकार की मदद नहीं देगा. बीएन तिवारी ने मेकर्स और प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने की भी मांग की थी. फिल्म में मनोज बाजपेयी ने एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया है.