Saturday, 21 March, 2026

---विज्ञापन---

पर्यावरण और किसान दोनों को फायदा, पंजाब सरकार की पराली प्रबंधन नीति सफल

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को जागरूक करने, आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराने और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना लागू की है.

Bhagwant Mann
Bhagwant Mann

पंजाब सरकार पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को जागरूक करने, आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराने और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना लागू की है. इसका सकारात्मक असर अब ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है.

समराला क्षेत्र के घुलल और बाम्ब गांव इस बदलाव के बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आए हैं, जहां किसानों ने पराली जलाए बिना खेती को अपनाया है। यह सफलता पंजाब सरकार के कृषि विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम पंचायतों और सीआईआई फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है. सरकार की नीति रही है कि किसानों को दंड की बजाय सुविधा, तकनीक और जानकारी देकर पराली जलाने से रोका जाए.

---विज्ञापन---

सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई मशीनों की मदद से किसानों ने सीधे भूसे वाले खेतों में गेहूं की बुवाई की, जिससे न केवल लागत घटी बल्कि मिट्टी की सेहत भी बेहतर हुई. किसानों का कहना है कि इस तरीके से सिंचाई की जरूरत कम हुई, खरपतवार घटे और पैदावार में भी सुधार आया. साथ ही प्रति एकड़ हजारों रुपये की बचत हुई, जो किसानों के लिए बड़ी राहत है.

पंजाब सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखते हुए कम किराए पर मशीनरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, ताकि हर किसान इस योजना से जुड़ सके. इसके अलावा गांव-गांव जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, रैलियां और स्कूल कार्यक्रमों के जरिए पराली न जलाने का संदेश पहुंचाया गया है. सरकारी निगरानी और सहयोगी प्रयासों के चलते समराला क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं में भारी कमी दर्ज की गई है. प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में पूरे ब्लॉक और फिर पूरे राज्य में पराली जलाने की समस्या को पूरी तरह खत्म किया जाए.

पंजाब सरकार का मानना है कि पर्यावरण की रक्षा और किसानों की आय बढ़ाना साथ-साथ संभव है. पराली प्रबंधन को लेकर अपनाई गई यह नीति न केवल प्रदूषण कम करेगी, बल्कि पंजाब की खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी.

First published on: Mar 21, 2026 04:31 PM

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.