Friday, 30 January, 2026

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Mardaani 3 First Half Review: धाकड़ अंदाज में लौटीं रानी मुखर्जी, खौफ, क्राइम और घिनौनी सच्चाई का कॉम्बो है फर्स्ट हाफ

Mardaani 3 First Half Review: रानी मुखर्जी एक बार फिर 'शिवानी शिवाजी रॉय' बनकर लौट आई हैं. 'मर्दानी 3' में वे एक ऐसे खूंखार दुश्मन का सामना कर रही हैं, जो ट्रैफिकिंग रिंग से जुडे हैं. आइए जानते हैं फिल्म के पहले पार्ट में ऐसा क्या है, जो रौंगटे खड़े करने वाला है.

Mardaani 3 First Half Review
Mardaani 3 First Half Review

Mardaani 3 First Half Review: अगर आपको थ्रिलर और एक्शन फिल्में पसंद हैं, तो रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ आपके लिए एक बेहतरीन तोहफा है. आज यानी 30 जनवरी 2026 को यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फ्रेंचाइजी की पहली दो फिल्मों की सफलता के बाद, इस बार रानी मुखर्जी का सामना रिंग अम्मा से है. फिल्म में रानी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात पुलिस ऑफिसर के किरदार की आती है, तो उनका कोई मुकाबला नहीं है. गोपी पुथरन के निर्देशन में बनी यह फिल्म न केवल रोंगटे खड़े करती है, बल्कि आज के डिजिटल दौर के खतरों को लेकर हमें आगाह भी करती है. आइए जानते हैं फिल्म का फर्स्ट हाफ कैसा है…

एक हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग

इस बार शिवानी शिवाजी रॉय के सामने एक पेचीदा मामला है. एक एम्बेसेडर की बेटी का अपहरण, लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब पता चलता है कि एम्बेसेडर की बेटी के साथ उसके केयरटेकर की मासूम बच्ची को भी उठा लिया गया है. जांच की कड़ियां जुड़ती हैं और तार जाकर मिलते हैं एक खौफनाक ट्रैफिकिंग रिंग से.

पर्दे पर अब तक की सबसे घिनौनी विलेन

‘मर्दानी’ की परंपरा रही है एक दमदार विलेन पेश करने की और इस बार मल्लिका प्रसाद ‘अम्मा’ के रोल में रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं. जहां फिल्म में अम्मा एक निर्मम, सनकी और बेहद खतरनाक महिला है, जो भिखारी-माफिया और ट्रैफिकिंग का काला साम्राज्य चलाती है. उसकी दहशत का आलम यह है कि वह सीधे शिवानी के घर तक पहुंचने का साहस रखती है. उसे हाल के वर्षों के सबसे डरावने विलेन्स में गिना जा सकता है.

सिस्टम और संवेदनशीलता पर सवाल

फिल्म यहां एक बड़ा सामाजिक सवाल भी उठाती है. एम्बेसेडर की बेटी को बचाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी और संसाधन झोंक दिए जाते हैं, लेकिन क्या वही तत्परता उस गरीब केयरटेकर की बेटी के लिए भी दिखाई जाएगी? क्या सिस्टम केवल रसूखदारों के लिए काम करता है या फिर इंसाफ सबके लिए बराबर है?

फर्स्ट हाफ कैसा है?

फिल्म का पहला हिस्सा बेहद दमदार है और ऑडियंस को बांधे रखने में सफल रहता है. रानी मुखर्जी अपने फुल फॉर्म में हैं और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी कमाल की है. फिल्म के पहले हिस्से में दिखता है कि कहानी गंभीर है और इसकी बुनावट ऐसी है कि आप तुरंत ही इन्वेस्टिगेशन का हिस्सा बन जाते हैं.

सेकंड हाफ कैसा होगा?

ट्रेलर और शुरुआती हिस्से ने एक मजबूत नींव रख दी है. अब देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म का सेकंड हाफ इस लड़ाई को किस अंजाम तक ले जाता है और क्या अम्मा के साम्राज्य का अंत शिवानी कर पाएगी?

First published on: Jan 30, 2026 12:48 PM

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