Madras High Court on Dhurandhar 2: रणवीर सिंह की मल्टी स्टारर फिल्म’धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च यानी आज को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. थिएटर में रिलीज से पहले इसका एक पेड़-प्रीव्यू रखा गया, जिसमें फिल्म ने धुआंधार कमाई की. वहीं, फिल्म की रिलीज से पहले मद्रास हाई कोर्ट ने भी फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. हाई कोर्ट ने फिल्म की गैरकानूनी स्ट्रीमिंग और ब्रोडकास्ट पर अस्थायी रोक लगा दी है.
हाई कोर्ट का आदेश
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, मद्रास हाई कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और केबल टीवी ऑपरेटरों को 15 अप्रैल तक ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को अवैध रूप से स्ट्रीम या टेलीकास्ट करने से रोकने का आदेश पारित किया है. इसके अनुसार, अगर कोई भी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की अवैध स्ट्रिमिंग करता हुआ पाया गया, तो उसके भारी मुआवजा देना होगा.
पायरेसी से भारी नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति ने फिल्म के प्रोडक्शन रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके मीडिया डिपार्टमेंट जियो स्टूडियोज की तरफ से दायर की गई एप्लीकेशन पर यह आदेश पारित किया है. इस एप्लीकेशन में कॉपीराइट उल्लंघन की आशंका के खिलाफ तत्काल सुरक्षा की मांग की गई थी. फिल्म के मेकर्स ने याचिका में कहा कि अगर उनकी फिल्म को इंटरनेट पर स्ट्रीम या टीवी पर टेलीकास्ट किया जाता है, तो उन्हें इस पायरेसी से भारीनुकसान कान सामना करना पड़ेगा.
हाई कोर्ट ने सख्त निर्देश
इस मामले पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि आदेशों का पालन न करने पर कॉपीराइट होल्डर्स को काफी नुकसान हो सकता है. साथ ही, अदालत ने यह भी माना कि इससे कुछ मीडिया के वैध बिजनेस भी प्रभावित होंगे. अदालत ने निर्माताओं को प्रभावित पक्षों को मुआवजा देने का आदेश दिया ताकि संतुलन बना रहे. अगली सुनवाई 15 अप्रैल को की जाएगी.