एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के साथ-साथ पूरे देश के लिए 8 अक्टूबर का दिन बेहद दर्दनाक रहा। दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। हिंदी और मराठी सिनेमा के चहेते नाना साहेब अब हमारे बीच नहीं रहे। अपने दमदार अभिनय और बेबाक अंदाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले नाना हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन के बाद परिवार, फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के सितारे भावुक हैं। नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 20 मिनट पर निधन हुआ। इसके बाद उसी दिन देर रात पुणे के पास डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस ‘नानाची वाड़ी’ में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता की अंतिम रस्में पूरी कीं और उन्हें मुखाग्नि दी। नाना को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर कई सवाल उठे। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता। ऐसे में जब मल्हार से इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि परिवार ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की थी, बल्कि परिस्थितियों के चलते रात में अंतिम संस्कार करना पड़ा। पिता को खोने के दर्द के बीच मल्हार ने अपनी आखिरी बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नाना उनकी तबीयत को लेकर काफी चिंतित थे और उन्होंने बेटे से अपनी सेहत का ध्यान रखने की बात कही थी।