दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' इन दिनों विवादों के चलते सुर्खियों में है। फिल्म को रिलीज के कुछ ही समय बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटा दिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी वजह को लेकर चर्चा तेज हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियम, 2021 के तहत सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्लेटफॉर्म को फिल्म की स्ट्रीमिंग रोकने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। इसमें 1990 के दशक के पंजाब और उस दौर की संवेदनशील घटनाओं को दिखाया गया है। इसी विषय की संवेदनशीलता के कारण फिल्म लंबे समय से विवादों में रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को पहले 'पंजाब 95' नाम से सेंसर बोर्ड के पास भेजा गया था, जहां 120 से अधिक कट लगाने की सिफारिश की गई। मेकर्स ने इन कट्स को स्वीकार नहीं किया, जिसके चलते फिल्म की रिलीज टलती रही। बाद में फिल्म का नाम बदलकर पहले 'घल्लूघारा', फिर 'पंजाब 95' और अंत में 'सतलुज' रखा गया। चूंकि ओटीटी रिलीज के लिए थिएटर फिल्मों की तरह सीबीएफसी सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं होता, इसलिए फिल्म को सीधे ZEE5 पर रिलीज किया गया। हालांकि, बाद में सरकारी निर्देश मिलने के बाद प्लेटफॉर्म ने इसे हटा दिया। ZEE5 ने भी पुष्टि की है कि अगली सूचना तक फिल्म भारत में उपलब्ध नहीं होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म फिलहाल कुछ विदेशी क्षेत्रों में स्ट्रीम हो रही है। फिल्म हटाए जाने के बाद पंजाब की कुछ राजनीतिक पार्टियों ने इसकी दोबारा रिलीज की मांग की है। वहीं दिलजीत दोसांझ ने भी कहा कि उन्हें पहले से इसकी आशंका थी और उन्होंने दर्शकों से अपील की कि जहां फिल्म कानूनी रूप से उपलब्ध हो, वहीं उसे देखें।

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