तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रंगनाथ की जिंदगी जितनी सफल रही, उनका आखिरी फैसला उतना ही रहस्यमयी बन गया। 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके रंगनाथ का 19 दिसंबर 2015 को 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने आत्महत्या की थी, जिसकी खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर दिया। उनके निधन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनकी वसीयत को लेकर हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रंगनाथ ने अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने परिवार के बजाय घर में काम करने वाली मीनाक्षी के नाम करने की इच्छा जताई थी। बताया जाता है कि उन्होंने अपनी यह आखिरी इच्छा घर की दीवार पर भी लिखी थी और लोगों से उन्हें परेशान न करने की बात कही थी। उनकी संपत्ति की कीमत करीब 10 से 20 करोड़ रुपये बताई जाती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई। इस फैसले के पीछे की असली वजह भी आज तक सामने नहीं आ सकी। रंगनाथ के निधन के बाद उनकी बेटी नीरजा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता लंबे समय से मानसिक तनाव, डिप्रेशन और अकेलेपन से जूझ रहे थे। परिवार ने उनकी काउंसलिंग भी करवाई थी और उन्हें संभालने की हर संभव कोशिश की थी। बताया जाता है कि घटना वाले दिन उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त को आखिरी संदेश भी भेजा था। वहीं, मीनाक्षी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनका नाम अभिनेता की वसीयत में दर्ज है। रंगनाथ के निधन के वर्षों बाद भी उनकी जिंदगी, वसीयत और आखिरी फैसले को लेकर लोगों के बीच कई सवाल आज भी अनसुलझे हैं।