हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल का निधन आज भी बॉलीवुड की सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिना जाता है। महज 31 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। सबसे दुखद बात यह रही कि बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के सिर्फ 15 दिन बाद ही उनकी मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिलीवरी के बाद स्मिता पाटिल को गंभीर पोस्टपार्टम इन्फेक्शन (Postpartum Infection) हो गया था। शुरुआत में उनकी हालत की गंभीरता का अंदाजा नहीं लगाया जा सका, लेकिन धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। बताया जाता है कि उन्हें खून की उल्टियां होने लगी थीं और उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस दौर में जया बच्चन ने भी स्मिता की मदद के लिए हरसंभव कोशिश की थी। कहा जाता है कि उन्होंने दिल्ली से एक ब्रिटिश न्यूरोसर्जन को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक स्मिता की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। आखिरकार उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां वह कोमा में चली गईं। 13 दिसंबर 1986 की रात इलाज के दौरान स्मिता पाटिल ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया। बताया जाता है कि उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार से पहले उन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया था। स्मिता पाटिल ने भले ही कम उम्र में दुनिया छोड़ दी, लेकिन अपनी दमदार अदाकारी और समानांतर सिनेमा में दिए योगदान के कारण वह आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

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