हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी रहस्यमयी निजी जिंदगी को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहे। उनकी लोकप्रियता का आलम ऐसा था कि फैंस उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते थे। लेकिन उनकी मौत के बाद उनसे जुड़ा एक ऐसा राज सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। राजेश खन्ना की जिंदगी पर लिखी गई किताब Dark Star: The Loneliness of Being Rajesh Khanna में लेखक गौतम चिंतामणि ने खुलासा किया है कि सुपरस्टार की एक अनोखी आदत थी। विदेश यात्राओं के दौरान वह अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों के लिए महंगे तोहफे खरीदते थे। हालांकि, भारत लौटने के बाद कई बार वह भूल जाते थे कि कौन-सा गिफ्ट किसके लिए खरीदा गया था। नतीजतन, वे तोहफे कभी अपने असली मालिक तक पहुंच ही नहीं पाए। यही वजह थी कि 18 जुलाई 2012 को राजेश खन्ना के निधन के बाद जब उनके मशहूर बंगले 'आशीर्वाद' की चीजों को व्यवस्थित किया गया, तो वहां 64 बंद सूटकेस मिले। इन सभी सूटकेस में विदेशों से खरीदे गए महंगे गिफ्ट पैक हालत में रखे थे। सबसे हैरानी की बात यह थी कि किसी को भी नहीं पता था कि ये तोहफे आखिर किन लोगों के लिए खरीदे गए थे। यह रहस्य आज भी अनसुलझा है। बता दें कि राजेश खन्ना को 2011 में कैंसर का पता चला था। लंबे इलाज के बावजूद उनकी तबीयत बिगड़ती गई और 18 जुलाई 2012 को उन्होंने अंतिम सांस ली। कहा जाता है कि निधन से करीब 20 दिन पहले उन्हें अपने अंत का आभास हो गया था और उन्होंने अपने करीबियों से कहा था, "मेरा टाइम आ गया है।"

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