बॉलीवुड अभिनेत्री मौसमी चटर्जी की निजी जिंदगी गहरे दुखों से भरी रही है। उनकी बड़ी बेटी पायल की असमय मौत आज भी उनके परिवार के लिए सबसे बड़ा जख्म है। बेटी के निधन से पहले और बाद में दामाद के साथ चला कानूनी विवाद भी लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। मौसमी चटर्जी ने अभिनेता और फिल्ममेकर जयंत मुखर्जी से शादी की थी। उनकी दो बेटियां, पायल और मेघा हैं। बचपन से ही पायल टाइप-1 डायबिटीज़ से पीड़ित थीं। उनकी शादी बिजनेसमैन डिकी सिन्हा से हुई, लेकिन बाद में दोनों परिवारों के बीच रिश्ते बिगड़ गए। इसी दौरान पायल की तबीयत लगातार खराब होती गई और उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि वह कोमा में चली गईं। मौसमी चटर्जी ने कई इंटरव्यू में आरोप लगाया कि बेटी की गंभीर हालत के बावजूद उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जाता था। मामला इतना बढ़ा कि उन्हें और उनके पति को पायल की गार्जियनशिप के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा। उन्होंने दामाद और ससुराल पक्ष पर लापरवाही के आरोप भी लगाए। करीब दो साल तक कोमा में रहने के बाद दिसंबर 2019 में पायल का निधन हो गया। बेटी की मौत के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। दामाद ने मौसमी पर अंतिम संस्कार में शामिल न होने का आरोप लगाया, जबकि अभिनेत्री का दावा था कि उन्हें अपनी बेटी का अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिया गया। मौसमी के मुताबिक, यह दर्द आज भी उनके पति और छोटी बेटी मेघा के दिल में जिंदा है।