मशहूर प्लेबैक सिंगर और ‘नाइटिंगेल ऑफ साउथ’ के नाम से मशहूर एस. जानकी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 11 जुलाई 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. जानकी सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि करोड़ों संगीत प्रेमियों की भावनाओं से जुड़ी एक आवाज थीं। प्यार, दर्द और खुशी जैसे हर एहसास को उन्होंने अपनी सुरीली आवाज से खास बना दिया। यही वजह थी कि फैंस उन्हें प्यार से ‘जानकी अम्मा’ कहते थे। उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में हजारों गाने गाए और अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए कहा कि एस. जानकी का जाना भारतीय संगीत और संस्कृति के लिए बड़ी क्षति है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। जानकी अम्मा अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती थीं। साल 2013 में उन्होंने पद्म भूषण सम्मान लेने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि यह सम्मान उनके योगदान के हिसाब से काफी देर से मिला। अपने छह दशक से ज्यादा लंबे करियर में एस. जानकी ने 48 हजार से अधिक गाने गाए और चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई सम्मान हासिल किए। उनकी आवाज हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगी।