हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद का नाम आज भी बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय सितारों में शुमार किया जाता है। हाल ही में उनके इकलौते बेटे सुनील आनंद के निधन की खबर सामने आने के बाद एक बार फिर देव आनंद की जिंदगी और उनके अंतिम दिनों की यादें ताजा हो गई हैं। सुनील आनंद 70 वर्ष के थे और उन्होंने लंदन में अंतिम सांस ली। परिवार की ओर से उनकी बहन और देव आनंद की बेटी देविना आनंद ने उनके निधन की पुष्टि की। सुनील ने कभी शादी नहीं की और पिता के निधन के बाद अकेले ही अपना जीवन बिताया। दिलचस्प बात यह है कि पिता और बेटे, दोनों ने लंदन में ही दुनिया को अलविदा कहा। देव आनंद वर्ष 2011 में अपने मेडिकल चेकअप और कुछ वर्क कमिटमेंट्स के सिलसिले में लंदन गए थे। उन्हें यह शहर बेहद पसंद था और वह अक्सर यहां सुकून के पल बिताने आते थे। हालांकि, 3 दिसंबर 2011 को 88 वर्ष की उम्र में लंदन के The Washington Mayfair Hotel में उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनका निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय उनके बेटे सुनील आनंद उनके साथ मौजूद थे। बताया जाता है कि सुनील ने उन्हें बेसुध अवस्था में देखा और तुरंत डॉक्टर को बुलाया, जिन्होंने जांच के बाद उनके निधन की पुष्टि की। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय उनकी पत्नी कल्पना कार्तिक और बेटी देविना मुंबई में थीं। दुखद खबर मिलते ही दोनों लंदन पहुंचीं। देव आनंद के निधन के सात दिन बाद, 10 दिसंबर 2011 को लंदन के पुटनी वेल श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बाद में उनकी अस्थियां भारत लाकर गोदावरी नदी में विसर्जित की गईं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि देव आनंद की इच्छा थी कि निधन के बाद कोई उनका चेहरा न देखे, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई।