फिल्मी दुनिया की चमक-धमक के पीछे कई ऐसी कहानियां छिपी हैं, जो किसी को भी भावुक कर सकती हैं। ऐसी ही एक दर्दनाक कहानी 60 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस विमी की है, जिन्होंने अपनी खूबसूरती और अदाकारी से लाखों लोगों का दिल जीता, लेकिन निजी जिंदगी में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। साल 1967 में रिलीज हुई बी.आर. चोपड़ा की फिल्म 'हमराज' ने विमी को रातोंरात स्टार बना दिया। सुनील दत्त के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। एक समय ऐसा था, जब विमी एक फिल्म के लिए करीब तीन लाख रुपये तक फीस लेती थीं। हालांकि, उनकी कामयाबी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। विमी की शादी बिजनेसमैन शिव अग्रवाल से हुई थी और उनके दो बच्चे भी थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पति उनके करियर में दखल देने लगे थे। बाद में दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ा और विमी घरेलू हिंसा का शिकार हुईं। आखिरकार, वह अपने पति से अलग हो गईं। इसके बाद उनकी जिंदगी में जॉली नाम के एक छोटे फिल्म प्रोड्यूसर की एंट्री हुई। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस रिश्ते ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। जॉली पर विमी को गलत कामों में धकेलने, उनकी कमाई पर कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। लगातार टूटते रिश्तों, करियर में गिरावट और आर्थिक तंगी के बीच विमी शराब की लत से जूझने लगीं। उनकी सेहत भी बिगड़ती चली गई। 22 अगस्त 1977 को महज 34 साल की उम्र में विमी का निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लिवर की गंभीर बीमारी के चलते मुंबई के नानावटी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। कभी स्टारडम का स्वाद चखने वाली विमी की जिंदगी का अंत बेहद दुखद रहा। उनकी कहानी आज भी फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के पीछे छिपे दर्द की याद दिलाती है।