दिवंगत अभिनेता फारूक शेख सिर्फ अपनी शानदार अदाकारी ही नहीं, बल्कि सादगी और इंसानियत के लिए भी हमेशा याद किए जाते हैं। 28 दिसंबर 2013 को दुबई में परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और 65 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। 30 दिसंबर को मुंबई में पूरे सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। 25 मार्च 1948 को गुजरात के बड़ौदा के एक संपन्न परिवार में जन्मे फारूक शेख के पिता मशहूर वकील थे और चाहते थे कि बेटा भी वकालत करे। फारूक ने कानून की पढ़ाई पूरी कर वकालत शुरू भी की, लेकिन एक केस के दौरान न्याय व्यवस्था से उनका भरोसा उठ गया। इसके बाद उन्होंने वकालत छोड़कर अभिनय की राह चुन ली। साल 1973 में फिल्म 'गरम हवा' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। शुरुआती दौर में उन्हें समानांतर सिनेमा का अभिनेता माना गया, लेकिन 'नूरी' की सफलता ने उन्हें स्टार बना दिया। फिल्म के बाद उन्हें करीब 40 फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन एक जैसी भूमिकाएं होने के कारण उन्होंने अधिकांश प्रस्ताव ठुकरा दिए। 1978 में उन्होंने रूपा जैन से शादी की और हमेशा अपने परिवार को लाइमलाइट से दूर रखा। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद उन्होंने एक पीड़ित परिवार की वर्षों तक गुपचुप आर्थिक मदद की, जिसका खुलासा उनके निधन के बाद हुआ। यही वजह है कि फारूक शेख आज भी एक बेहतरीन अभिनेता के साथ-साथ नेकदिल इंसान के रूप में याद किए जाते हैं।