---विज्ञापन---

महेश बाबू के बयान का दिलीप ताहिल ने किया समर्थन, कह दी ये बात

Dalip Tahil Statement: साउथ फिल्मों के सुपरस्टार महेश बाबू (Mahesh Babu) ने कुछ दिन पहले बॉलीवुड को लेकर एक बड़ा बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि, ‘बॉलीवुड मुझे अफॉर्ड नहीं कर सकता’। एक्टर का ये बयान खूब चर्चाओं में रहा और इसपर बड़े-बड़े एक्टर ने भी अपना रिएक्शन दिया था। वहीं अब ये […]

Dalip Tahil Statement: साउथ फिल्मों के सुपरस्टार महेश बाबू (Mahesh Babu) ने कुछ दिन पहले बॉलीवुड को लेकर एक बड़ा बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि, ‘बॉलीवुड मुझे अफॉर्ड नहीं कर सकता’। एक्टर का ये बयान खूब चर्चाओं में रहा और इसपर बड़े-बड़े एक्टर ने भी अपना रिएक्शन दिया था। वहीं अब ये मुद्दा एक बार फिर गरमाता ता जा रहा हैं। वहीं अब इसपर बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर दिलीप ताहिल (Dalip Tahil) ने बड़ा बयान दे दिया है।

एक इंटरव्यू में दिलीप ताहिल (Dalip Tahil Statement) ने कहा कि, ‘महेश बाबू मेगास्टार हैं। जब उनके जैसा सुपरस्टार कहता है कि हिंदी मूवीज उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकतीं, तो वो सही कहते हैं।’ जी हां, बॉलीवुड उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकता। सिर्फ पैसे की बात नहीं है, इसमें वर्क एथिक्स भी शामिल हैं। वो सुपस्टार हैं। अपने प्रोजेक्ट्स पर उनका कंट्रोल है। उनके प्रोजेक्ट्स उनके आसपास ही घूमते हैं। इसीलिए वो पैन इंडिया स्टार हैं।’ कुछ दिन पहले महेश बाबू कहा था कि, ‘मुझे हिंदी फिल्मों के कई ऑफर मिले हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो मुझे अफॉर्ड कर सकते हैं।’

आगे कहा था कि, ‘मैं ऐसी इंडस्ट्री में काम करके अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते, जो अफॉर्ड ही नहीं कर सकती है। आगे कहा था कि, ‘मुझे साउथ सिनेमा में जो स्टारडम और सम्मान मिला है वो बहुत बड़ा है। इसलिए मैंने अपनी इंडस्ट्री को छोड़ दूसरी इंडस्ट्री में जाने के बारे में कभी नहीं सोचा।’ हालांकि बाद में महेश बाबू ने सफाई देते हुए कहा था कि, ‘उनका किसी फिल्म इंडस्ट्री का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था बल्कि वो तेलुगी फिल्म इंडस्ट्री पर फोकस रखने की बात कर रहे थे।’

दिलीप ताहिल ने भाषा विवाद पर भी रिएक्शन देते हुए कहा कि, ‘एक अच्छी फिल्म के लिए भाषा की कोई बाधा नहीं होती है। ये सिर्फ उन लोगों के लिए बहाना है जो अच्छी फिल्म नहीं बनाते हैं।’ दिलीप ताहिल ने केजीएफ और केजीएफ चैप्टर-2 को लेकर कहा कि, इन फिल्मों के निर्माताओं ने बता दिया है कि दर्शकों को किस स्तर की फिल्में चाहिए। भाषा की कोई बाधा नहीं है, यह सिर्फ दिमाग में मौजूद है।’

 

 

First published on: May 26, 2022 02:58 PM