Chhavi Mittal: टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री छवि मित्तल (Chhavi Mittal) एक बार फिर अपनी सेहत को लेकर चर्चा में आ गई हैं. ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देने के बाद एक्ट्रेस को अचानक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और उनकी एक और मेजर सर्जरी हुई. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली छवि ने खुलासा किया कि कैंसर के बाद चलने वाली दवा 'टामोक्सिफेन' के साइड इफेक्ट्स की वजह से उनके गर्भाशय की रसौली यानी फाइब्रॉयड का साइज अचानक बहुत बढ़ गया था, जिसके बाद ऑपरेशन कराना ही इकलौता रास्ता बचा था.

अस्पताल से साझा की रिकवरी अपडेट

हाल ही में छवि मित्तल ने अपने इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट पर अस्पताल के बेड से एक भावुक वीडियो शेयर कर फैंस को अपनी सेहत की जानकारी दी. छवि ने बताया कि डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिए उनके गर्भाशय से फाइब्रॉयड और ओवरी में मौजूद डर्मोइड सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाल दिया है. एक्ट्रेस ने राहत जताते हुए बताया कि उनकी बायोप्सी रिपोर्ट पूरी तरह नॉर्मल आई है और उसमें कैंसर या किसी इन्फेक्शन के लक्षण नहीं मिले हैं.

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'टामोक्सिफेन' दवा के खतरनाक साइड इफेक्ट्स

छवि ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'टामोक्सिफेन' (Tamoxifen) नाम की दवा पर रखा था. शुरुआत में मूड स्विंग्स और हड्डियों की कमजोरी जैसे लक्षण दिखे, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान फाइब्रॉयड के साइज में आया. लगभग 20 साल पहले उन्हें केवल 1.25 सेंटीमीटर का छोटा फाइब्रॉयड था, जो इस दवा के असर से अचानक बढ़कर 7.2 सेंटीमीटर का हो गया और बेहद गंभीर स्थिति पैदा हो गई.

पीरियड से जुड़ी बढ़ीं गंभीर परेशानियां

फाइब्रॉयड का आकार काफी बड़ा होने के कारण छवि को पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द और हैवी बलीडिंग का सामना करना पड़ रहा था. हालत इतनी बिगड़ गई थी कि बढ़ा हुआ फाइब्रॉयड उनके ब्लैडर और आंतों पर दबाव डालने लगा था, जिससे उन्हें यूरिन और पाचन से जुड़ी समस्याएं होने लगी थीं. इन बिगड़ते हालातों को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी.

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'बार-बार जीरो से शुरू करने की झुंझलाहट'

लगातार बीमारियों से लड़ने के मानसिक तनाव पर बात करते हुए छवि ने कहा कि जब भी उन्हें लगता है कि वे पूरी तरह ठीक हो गई हैं, तभी कोई नई शारीरिक समस्या उन्हें वापस शुरुआती मोड़ (स्क्वायर वन) पर लाकर खड़ा कर देती है. छवि ने साफ किया कि वे इस स्थिति से डरती नहीं हैं, लेकिन बार-बार एक ही दौर से गुजरने के कारण उनके मन में झुंझलाहट जरूर पैदा होती है.

कैंसर से बचाव के लिए दवा जरूरी

भले ही 'टामोक्सिफेन' दवा के कारण छवि को एक और सर्जरी से गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने माना कि वे इस फैसले पर पछतावा नहीं करतीं. छवि का कहना है कि अगर उन्हें इस दवा के साइड इफेक्ट्स का अंदाजा पहले से भी होता, तब भी वे इसे ही चुनतीं, क्योंकि ब्रेस्ट कैंसर के दोबारा लौटने के खतरे को रोकने के लिए यह दवा बेहद जरूरी थी.

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