Jamuna Rani Passes Away: साउथ सिनेमा और इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. अपनी जादू भरी और सुरीली आवाज से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली साउथ इंडिया की दिग्गज प्लेबैक सिंगर का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने सात साल की नन्ही उम्र में ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था और अपने लंबे करियर में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी थी. उनके निधन की खबर से पूरे साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है.
88 की उम्र में ली अंतिम सांस
दक्षिण भारत की मशहूर प्लेबैक सिंगर जमुना रानी (Jamuna Rani) का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है. वे लंबे समय से बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं. गुरुवार शाम बेंगलुरु में स्थित अपने घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली, जिसके बाद सिनेमा और संगीत जगत में मातम छा गया है.
बचपन से शुरू हुआ सुरीला सफर
जमुना रानी का जन्म साल 1938 में आंध्र प्रदेश में हुआ था. संगीत के प्रति उनका लगाव बचपन से ही था और उन्होंने महज सात साल की उम्र में ही फिल्म इंडस्ट्री में कदम रख दिया था. अपनी मेहनत और लगन के दम पर वे बहुत जल्द इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम बन गईं.
6 हजार से अधिक गाए गाने
उन्हें फिल्म 'त्यागय्या' (Thyagayya) से असली पहचान मिली. इसके बाद उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सहित कई भाषाओं में 6000 से भी ज्यादा गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया. साल 1952 की फिल्म 'कल्याणी' (Kalyani) से उन्होंने तमिल सिनेमा में अपनी धमाकेदार शुरुआत की थी.
अनोखी आवाज और चर्चित जॉनर
उनकी आवाज अन्य गायिकाओं से काफी अलग और खास थी. उन दिनों वे क्लब डांस, जिप्सी गानों और लोकगीतों के लिए संगीत निर्देशकों की पहली पसंद हुआ करती थीं. उन्होंने इलैयाराजा (Ilaiyaraaja) और के.वी. महादेवन जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ मिलकर कई सदाबहार गाने दिए.
कई बड़े सम्मानों से हुईं सम्मानित
अपने शानदार योगदान के लिए तमिलनाडु सरकार ने उन्हें साल 1998 में प्रतिष्ठित 'कलैमामणि' (Kalaimamani) पुरस्कार से नवाजा था. इसके बाद साल 2002 में उन्हें 'अरिग्नार अन्ना' पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. संगीत जगत में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.