अनुभवी एक्ट्रेस सौकार जानकी (Sowcar janaki) का निधन हो गया. उन्होंने 94 साल की उम्र में आखिरी सांस ली है. बुढ़ापे की वजह से बीमार पड़ने के बाद जानकी अस्पताल में भर्ती थीं और उन्हें ICU में रखा गया था. वहीं, एक्ट्रेस के निधन की पुष्टि नादिगर संगम के प्रेसिडेंट नास्सार ने की है. हाल ही में एक्टर कयाल देवराज ने भी सोशल मीडिया पर उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर शेयर की थी और उनकी सेहत की जानकारी दी थी. अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान नादिगर संगम के सदस्यों ने उनसे मुलाकात भी की थी. वहीं एक्ट्रेस के जाने के बाद साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. उनके जाने से फैंस भी दुखी हैं.
नस्सार ने दी एक्ट्रेस के निधन की जानकारी
नस्सार ने एक बयान में प्रेस को बताया कि कुछ समय तक अस्पताल में रहने के बाद 21 अगस्त को 94 साल की उम्र में जानकी का निधन गया. उन्होंने अपने बयान में कहा, "दिग्गज स्टार सौकार जानकारी का निधन हो गया है. उनका पार्थिव शरीर शाम 5 बजे से सेंटोफ रोड, तेयम्पेट में रखा जाएगा." शुक्रवार को दोपहर 1.59 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली थी.
देवराज ने अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी
इसके अलावा एक्टर देवराज कायल ने भी जानकी के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी शेयर की थी. उन्होंने 19 अगस्त को किए पोस्ट में बताया कि, "मशहूर एक्ट्रेस सौकार जानकी की तबीयत खराब होने के कारण चेन्नई के अलवरपेट स्थित कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनका मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है." हालांकि अब एक्ट्रेस दुनिया से विदा ले चुकी हैं.
कौन थीं सौकार जानकी?
आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में एक कन्नड़ परिवार में जन्मीं जानकी, जिनका पूरा नाम शंकरमंची जानकी था. उनकी शादी उनके परिवार ने कम उम्र में ही कर दी थी.1947 में उनकी शादी शंकरमंची श्रीनिवास राव से करवा दी गई थी. वह आकाशवाणी मद्रास में रेडियो जॉकी के तौर पर काम करती थीं. उन्होंने प्रेगनेंसी के दौरान ही अपनी मैट्रिक की परीक्षा दी और बाद में असम की गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया. उनकी दो बेटियां और एक बेटा है.
सौकार जानकी की फिल्में
जानकी ने 1950 में LV प्रसाद के डायरेक्शन में बनी तेलुगु फिल्म 'शावुकारु' से डेब्यू किया था. उन्होंने 1952 में TR सुंदरम की डायरेक्ट की हुई फिल्म 'वलयापति' से तमिल सिनेमा में कदम रखा. इतने सालों में जानकी ने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में काम किया है. 1959 में वह कन्नड़ सिनेमा की पहली पैन इंडिया फिल्म 'महिषासुरमर्दिनि' में ड़ॉ. राजकुमार के साथ नजर आईं. कन्नड़ भाषा में उनकी पहली फिल्म 'देवकन्निका' थी. मलयालम सिनेमा में उन्होंने 'स्कूल मास्टर' फिल्म से शुरुआत की थी. फिल्मों में लंबे करियर के बाद जानकी ने 1991 में दूरदर्शन के तमिल थो 'ऊरारिंदा रहस्यम' के साथ टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा. उनका आखिरी टीवी शो 2013 में जी तेलुगु पर टेलीकास्ट हुआ वरुधिनी परिणयम था. आखिरी बार वह नंदिनी रेड्डी की निर्देशित 2023 की तेलुगु फिल्म अन्नी मंची सकुनमुले में नजर आईं थी. साल 2022 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
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