मलयालम सिनेमा से एक दुखद खबर सामने आई है. जाने-माने फिल्ममेकर, स्क्रीनराइटर और कहानीकार आर. शरथ का सोमवार को 65 साल की उम्र में निधन हो गया. वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली. उनके निधन की खबर सामने आते ही मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई. FEFKA डायरेक्टर्स यूनियन समेत इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया.

फिल्मों में बनाई अलग पहचान

आर. शरथ ने मलयालम सिनेमा में सिर्फ निर्देशक के तौर पर ही नहीं, बल्कि लेखक और कहानीकार के रूप में भी अपनी पहचान बनाई थी. उनका सिनेमा आम फिल्मों से अलग और सामाजिक मुद्दों को छूने वाला रहा. उन्होंने 'सायहनम', 'स्थिति', 'शीलाबती' और 'पैराडाइज' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया.

इस फिल्म से मिली खास पहचान

उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में 'सायहनम' का नाम खास तौर पर लिया जाता है. इस फिल्म के लिए उन्हें इंदिरा गांधी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. साल 2000 में फिल्म को सात केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड भी मिले थे. यानी अपने दौर में इस फिल्म ने शरथ की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई.

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी चमका नाम

आर. शरथ का काम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा. उनकी फिल्म 'द डिजायर: ए जर्नी ऑफ अ वुमन' ने साल 2011 में जिनेवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट नैरेटिव फीचर फिल्म का अवॉर्ड अपने नाम किया था. उन्होंने शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में भी काफी काम किया. 'अचिंते कथा', 'चुमर चित्रंगल', 'भूमिक्कोरु चरमा गीतम' जैसी शॉर्ट फिल्मों का निर्देशन किया. राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स पर बनाई उनकी डॉक्यूमेंट्री को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली.

भोपाल गैस त्रासदी पर भी बनाई फिल्म

आर. शरथ ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को भी पर्दे पर उतारा. मध्य प्रदेश की भोपाल गैस त्रासदी पर आधारित उनकी फिल्म 'बरीअल ऑफ ड्रीम्स' ने भी खूब ध्यान खींचा. म्यूरल पेंटिंग्स पर उनके काम को देखते हुए उन्हें केंद्र सरकार की जूनियर फेलोशिप भी प्रदान की गई थी.

पत्रकारिता से शुरू हुआ था सफर

आर. शरथ का जन्म केरल के कोल्लम जिले के विलक्कुडी में हुआ था. उन्होंने तिरुवनंतपुरम के महात्मा गांधी कॉलेज से इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया और यूनिवर्सिटी कॉलेज से पोस्टग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से फिल्म एप्रिसिएशन का कोर्स किया.

मलयालम सिनेमा में पसरा मातम

फिल्मों की दुनिया में पहचान बनाने से पहले शरथ ने 'केरल कौमुदी' में पत्रकार के तौर पर काम किया था. बाद में वह केरल सरकार के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट से जुड़े और 2021 में डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए. वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं. उनके निधन से मलयालम सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार और फिल्ममेकर को खो दिया, जिसने सिनेमा के साथ-साथ समाज और संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी खास छाप छोड़ी.