CM Vijay On Karur Stampede Tragedy: फिल्मी दुनिया को अलविदा कहकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय एक बार फिर से चर्चा में हैं. इस बार विजय पिछले साल उनकी रैली के दौरान करूर में हुए भयावह भगदड़ पर दिए एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इस हादसे में 41 लोगों की जान चली गई थी. अब विजय ने इस हादसे के सभी पीड़ितों को याद करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी सफलता निर्दोषों की जान जाने से हुए दर्द को मिटा नहीं सकती. इसके साथ ही विजय ने उन लोगों की याद में एक स्मारक की भी घोषणा की है. चलिए आपको बताते हैं कि विजय ने आगे और क्या कुछ कहा.

उन मासूम बच्चों को…

करूर के एटलस ग्राउंड में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंचे सीएम विजय ने पिछले साल करूर में हुई भयावह भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के आदेश दिए. जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा, 'जीवन में इंसान चाहे कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, दिल में कुछ दर्द और घाव ऐसे होते हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता. सबसे ज्यादा जिस दर्द और घाव ने मुझे प्रभावित किया है, वह करूर की घटना है. हमने उन मासूम बच्चों को खो दिया जो भगवान के समान थे.'

इसके लिए जिम्मेदार कौन?

विजय ने आगे कहा, 'नमक्कल में हुई बैठक के बाद जब हम करूर आ रहे थे, तो क्या करूर पुलिस हमें सूचित नहीं कर सकती थी? अगर उन्हें लगता कि भीड़ को संभालना मुश्किल होगा, तो वे बैठक रद्द कर सकते थे. उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार था. था।.इसके बजाय, वे हमें कार्यक्रम स्थल तक ले गए. मैंने उन पर पूरा भरोसा किया और उस दिन पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया. मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसी त्रासदी हो जाएगी.' इतना ही नहीं, विजय ने इस आयोजन के संचालन पर सवाल उठाए और कहा, 'इसके लिए कौन जिम्मेदार है? आदेश किसने दिए? लोगों, मैं आपसे पूछता हूं, क्या इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई थी?'