पंजाब में सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में एक अहम पहल आगे बढ़ रही है. राज्य सरकार ‘श्री गुरु रविदास बानी स्टडी सेंटर’ की स्थापना के जरिए संत श्री गुरु रविदास की शिक्षाओं को संरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने की दिशा में काम कर रही है.
10.50 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है स्टडी सेंटर
यह स्टडी सेंटर करतारपुर रोड के निकट नौगजा और फरीदपुर गांवों में करीब 10.50 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. परियोजना को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने के लिए मान सरकार अधोसंरचना से जुड़ी चुनौतियों को भी तेजी से दूर कर रही है, जिसमें हाई-टेंशन बिजली लाइनों को हटाने जैसे कार्य शामिल हैं.
शिक्षा, शोध और संवाद का केंद्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह पहल केवल एक संस्थान के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे शिक्षा, शोध और संवाद का केंद्र बनाने पर फोकस किया गया है. यहां छात्र, शोधकर्ता और विद्वान गुरु रविदास जी के आध्यात्मिक, सामाजिक और समानता के संदेश को गहराई से समझ सकेंगे. सेमिनार, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और प्रकाशनों के माध्यम से यह केंद्र समाज में भाईचारा और न्याय के मूल्यों को मजबूत करेगा.
जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित सरकार
इस परियोजना के लिए डिजाइन और योजना विशेषज्ञों तथा संबंधित धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से तैयार की जा रही है, ताकि इसका स्वरूप व्यापक और प्रभावी हो. साथ ही, राज्य सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित कर रही है. इसके साथ ही, सरकार पर्यावरण संरक्षण और कृषि सुधारों पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है. पराली प्रबंधन, टिकाऊ खेती और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं, जो विकास के संतुलित मॉडल को दर्शाती हैं.
इस तरह ‘श्री गुरु रविदास बानी स्टडी सेंटर’ एक ऐसे मंच के रूप में उभर रहा है, जो शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करेगा.