Saleran Dam Punjab: पंजाब अब कृषि और हरियाली की पहचान तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य तेजी से पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित कर रहा है. वर्षों से अनदेखे रहे प्राकृतिक स्थलों को नई पहचान देने की दिशा में मान सरकार लगातार प्रयास कर रही है, और इसी के तहत होशियारपुर का सलेरन डैम अब पंजाब के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते सितारे के रूप में सामने आ रहा है जहां पहले लोग प्राकृतिक खूबसूरती और एडवेंचर के लिए हिमाचल प्रदेश जाते थे, वहीं अब पंजाब भी अपनी प्राकृतिक धरोहर को विश्व के समक्ष पेश करने के लिए सक्रिय है. सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट इसी दृष्टिकोण का नतीजा है, जो विकास, पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार को एक साथ लेकर आगे बढ़ रहा है.

सलेरन डैम: प्राकृतिक सौंदर्य और प्रगति का अद्भुत मिलन

होशियारपुर जिले के जिस डैम को कुछ समय पहले तक सिर्फ पानी रोकने का एक ज़रिया माना जाता था. आज वही डैम पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार का एक बड़ा कारण बन गया है. सलेरन डैम को लंबे समय से लोगों ने नजरअंदाज किया, लेकिन भगवंत मान सरकार ने इसकी क्षमता को समझा और इसे एक आधुनिक इको-टूरिज्म केंद्र में विकसित करने का निर्णय लिया. करीब 2.80 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट से सालाना 18 लाख रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है. यानी यह योजना विकास और आर्थिक स्थिरता का आधार बनेगी.

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र्यटकों के लिए क्या है खास?

पंजाब अब केवल कृषि और हरियाली की पहचान तक सीमित नहीं रहने वाला. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य तेजी से पर्यटन और रोजगार के नए अवसर प्रस्तुत कर रहा है. वर्षों से नजरअंदाज किए गए प्राकृतिक स्थलों को नई पहचान देने के लिए मान सरकार निरंतर प्रयासरत है, और इसी क्रम में होशियारपुर का सलेरन डैम अब पंजाब के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है. सलेरन डैम अब सिर्फ एक जलाशय नहीं, बल्कि परिवारों, प्रकृति प्रेमियों और रोमांचक गतिविधियों के प्रशंसकों के लिए एक व्यापक पर्यटन केंद्र बन गया है. यहां 16,000 वर्ग फुट में बच्चों के लिए एक विशेष खेल क्षेत्र बनाया गया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झूलों और मजेदार गतिविधियों से बच्चे आकर्षित होंगे.

पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन विकास

इस योजना को पर्यटन के उद्देश्य से नहीं बनाया गया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक उदाहरण है.
ताकि पर्यटन गतिविधियों से प्राकृतिक संवद्र्धन को नुकसान न पहुंचे, पूरा प्रोजेक्ट पर्यावरण के अनुकूल ढांचे का निर्माण करता है. प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना इसका लक्ष्य है.
कंडी क्षेत्रों में व्याप्त विशाल संभावनाओं को देखते हुए, पंजाब सरकार उन्हें उत्कृष्ट पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है. सलेरन डैम इस विचार का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है.

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स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की नई उम्मीद

आम भाषा में पर्यटन केवल घूमने तक सीमित माना जाता है लेकिन यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम भी है जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.जैसे होटल, भोजन, मार्गदर्शक सेवाएं, ट्रांसपोर्ट और अन्य पर्यटन गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों की आय में काफी बढ़ोतरी होने की अपेक्षा है.
पंजाब में पहले से अमृतसर, पटियाला और चमरौड़ झील जैसे स्थलों पर फिल्म शूटिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग के चलते नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं. सलेरन डैम भविष्य में इसी दिशा में एक प्रमुख केंद्र बन सकता है.

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75 बंद पड़े रेस्ट हाउसों को मिला नया जीवन

भगवंत मान सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि राज्य के 75 बहिष्कृत और खाली पड़े रेस्ट हाउसों का पुनर्जीवन है. जो इमारतें कभी जर्जर होकर खंडहर में बदल रही थीं, वे आज पर्यटकों की मेजबानी कर रही हैं.इन रेस्ट हाउसों से राज्य को लगभग एक करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है.

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सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों के दौरान कई सरकारी संपत्तियां बेहद कम कीमतों पर चहेतों को सौंप दी गई थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने कार्रवाई कर ऐसी कई संपत्तियां वापस हासिल कीं और उन्हें जनता के हित में उपयोग में लाया. आज ये रेस्ट हाउस फिल्म शूटिंग, डेस्टिनेशन वेडिंग और पर्यटन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं.

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