मराठी मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है. जहां मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने पुणे में अंतिम सांस ली, उनके जाने से परिवार और फैंस का रो-रोकर बुरा हाल है, बता दें, मधु लंबे समय से बीमारी से जूझ रहीं थीं, जिससे लड़ते हुए उन्होंने अब इस दुनिया को अलविदा कह दिया है.
कौंन थीं मधु कांबीकर?
मधु कांबीकर मराठी सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं और लावणी डांसर के तौर पर भी पहचानी जाती थीं. उन्होंने अपने शानदार अभिनय और दमदार स्टेज परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों में खुद के लिए कभी न मिटने वाली पहचान बनाई, मधु कांबीकर का नाम मराठी सिनेमा और महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी के जाने-माने कलाकारों में शामिल रहा है. उन्होंने अपने अभिनय के साथ-साथ लावणी डांस से भी खूब पॉपुलैरिटी हासिल की. उनकी प्रस्तुतियों में कला, भाव और शानदार अदाकारी का अनोखा मेल देखने को मिलता था.
फिल्मों के साथ थिएटर में किया काम
मधु ने अपने करियर में फिल्मों के अलावा थिएटर में भी काम किया. उन्होंने अपनी प्रतिभा से हर मंच पर दर्शकों का दिल जीता. उनके लिए कला सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं थी, बल्कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी थी. यही वजह है कि उन्हें मराठी मनोरंजन जगत की खास कलाकारों की लिस्ट में रखा जाता रहा है.
इन अवॉर्ड्स से हुईं सम्मानित
मधु कांबीकर के कला जगत में योगदान को देखते हुए उन्हें साल 2018 में 'जी चित्र गौरव लाइफटाइम अचीवमेंट' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उनके लंबे करियर और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को दर्शाता है. उन्होंने अपने काम से ऐसी पहचान बनाई. जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे.
स्ट्रोक के बाद स्टेज से हो गई थीं दूर
मधु कांबीकर की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब उन्हें अपनी पसंदीदा कला से दूर होना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, साल 2016 में उन्हें स्ट्रोक आया था. मुंबई में लावणी की प्रस्तुति देने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें लंबे समय तक स्टेज से दूरी बनानी पड़ी.
12 साल के बाद इस कार्यक्रम से की वापसी
हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी. करीब 12 साल के गैप के बाद उन्होंने माटुंगा के यशवंत नाट्य मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के जरिए मंच पर वापसी की थी. उनकी वापसी ने कला के प्रति उनके जुनून को दिखाया.
इन फिल्मों में किया शानदार काम
मधु कांबीकर ने अपने करियर में कई मराठी फिल्मों में काम किया. उन्हें 'एक होता विदूषक', 'शापित', 'झपाटलेला', 'येऊ का घरात' और 'मला घेऊन चला' जैसी फिल्मों के लिए याद किया जाता है. मधु कांबीकर के निधन से मराठी सिनेमा ने एक अनुभवी कलाकार को खो दिया है. उनका अभिनय, लावणी के प्रति समर्पण और रंगमंच से जुड़ाव हमेशा उनकी पहचान का हिस्सा बने रहेंगे.