---विज्ञापन---
करियर में 36 फिल्में और 26 फ्लॉप, बॉलीवुड के इस डायरेक्टर पर लगा Flop का ठप्पा

भारतीय सिनेमा के प्रतिभाशाली फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) ने हाल ही में अपने करियर, सफलताओं और उन गलतियों पर खुलकर बात की है जिन्होंने उन्हें अर्श से फर्श पर ला खड़ा किया. 'सत्या', 'रंगीला' और 'कंपनी' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में देने वाले वर्मी ने स्वीकार किया है कि उनके घमंड और लापरवाही ने उनके सुनहरे करियर को भारी नुकसान पहुंचाया.

'सत्या' के बाद भटक गई दिशा- राम गोपाल वर्मा ने माना कि 1998 में आई 'सत्या' उनके करियर का शिखर थी. उन्होंने अंडरवर्ल्ड के मानवीय पक्ष और गैंगस्टर्स की निजी जिंदगी को परदे पर उतारा, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. लेकिन वर्मी के अनुसार, इस बड़ी सफलता के बाद वह अपनी ईमानदारी और काम के प्रति जिज्ञासा खो बैठे. उन्होंने स्वीकार किया कि 'सत्या' के बाद उन्हें और बड़ा सोचना चाहिए था, लेकिन वे अपनी ही सोच के जाल में उलझकर रह गए.

हिट फिल्मों को बताया 'एक्सीडेंट'- अक्सर निर्देशक अपनी सफलता का श्रेय अपनी प्लानिंग को देते हैं, लेकिन आरजीवी का मानना अलग है. उन्होंने कहा कि उनकी सुपरहिट फिल्में जैसे 'रंगीला', 'सत्य', 'कंपनी' और 'भूत' किसी मास्टर प्लान का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि वे सिर्फ 'इत्तेफाक' (Coincidence) थीं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर मुझे हिट फिल्म बनाने का फॉर्मूला पता होता, तो मैं कभी फ्लॉप फिल्म बनाता ही क्यों?"

'आग' को बताया करियर की सबसे बड़ी भूल- जब बात उनके करियर की सबसे खराब फिल्म की आई, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के 'राम गोपाल वर्मा की आग' का नाम लिया. उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी, जिसमें सबसे ज्यादा समय और पैसा बर्बाद हुआ. इसके बाद उन्होंने फिल्म 'डिपार्टमेंट' को भी अपनी नाकामियों की लिस्ट में शामिल किया.

"मैं गैर-जिम्मेदार और बेहद स्वार्थी हूं"- अपनी छवि पर बात करते हुए वर्मा ने खुद को "गैर-जिम्मेदार और बेहद स्वार्थी" बताया. उन्होंने कहा कि वह फिल्में दर्शकों के प्यार या तालियों के लिए नहीं, बल्कि अपने खुद के जुनून और सनक के लिए बनाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लोग उन्हें सिर्फ उनके सोशल मीडिया ट्वीट्स से जज करते हैं, जबकि वे लगातार तेलुगु और राजनीतिक सिनेमा में सक्रिय रहे हैं.

36 में से 26 फिल्में फ्लॉप- राम गोपाल वर्मा के करियर के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. उन्होंने अपने पूरे फिल्मी सफर में अब तक 36 फिल्में निर्देशित की हैं, जिनमें से 26 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई हैं. यह आंकड़ा दर्शाता है कि एक दौर में अपनी 'अलग सोच' के लिए मशहूर इस निर्देशक ने किस कदर अपनी पकड़ खो दी है.