---विज्ञापन---
बॉलीवुड का वो एक्टर, जो 27 साल से है लापता; परिवार को आज भी वापस लौटने का है इंतजार

बॉलीवुड में सफलता की चकाचौंध के पीछे कई बार ऐसी दर्दनाक कहानियां छिपी होती हैं, जो रूह कंपा देती हैं. इन्ही में से एक है अभिनेता राज किरण की कहानी. 70 और 80 के दशक के इस चार्मिंग हीरो का अर्श से फर्श तक का सफर और फिर रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाना, आज भी भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य बना हुआ है.

'कर्ज' और 'अर्थ' जैसी फिल्मों से बनाई पहचान- राज किरण ने 1975 में फिल्म 'कागज की नाव' से अपने करियर की शुरुआत की थी. वे एक ऐसे वर्सेटाइल एक्टर थे जो रोमांटिक और गंभीर, दोनों भूमिकाओं में फिट बैठते थे. फिल्म 'कर्ज' में उनका छोटा सा लेकिन बेहद प्रभावशाली रोल हो या 'अर्थ' में शबाना आजमी के साथ उनकी संजीदा एक्टिंग, उन्होंने बहुत कम समय में दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली थी.

करियर का ढलान और डिप्रेशन का दौर- 90 के दशक की शुरुआत राज किरण के लिए काली परछाई की तरह आई. धीरे-धीरे फिल्में मिलनी कम हो गईं और वे आर्थिक तंगी का शिकार हो गए. कहा जाता है कि करियर की विफलता और पारिवारिक कलह ने उन्हें गहरे डिप्रेशन में धकेल दिया. इसी मानसिक तनाव के चलते वे धीरे-धीरे फिल्म जगत और लाइमलाइट से पूरी तरह दूर होते चले गए.

1999 के बाद रहस्यमयी तरीके से हुए गायब- राज किरण को आखिरी बार सार्वजनिक रूप से साल 1999 के आसपास देखा गया था. उसके बाद वे अचानक ओझल हो गए. उनके लापता होने को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ीं—किसी ने कहा कि वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो किसी ने उनके विदेश में होने का दावा किया. सालों तक उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई.

ऋषि कपूर की तलाश और 'पागलखाने' की खबर- साल 2011 में उनके करीबी दोस्त और दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर ने राज किरण को ढूंढने की कोशिश की. उन्हें राज किरण के भाई से पता चला कि वे अमेरिका के अटलांटा में एक मेंटल इंस्टिट्यूट (पागलखाने) में भर्ती हैं. हालांकि, जब इसकी गहराई से जांच की गई, तो राज किरण वहां नहीं मिले और उनके परिवार ने भी बाद में इन खबरों को गलत बताकर खारिज कर दिया, जिससे रहस्य और गहरा गया.

आज भी जारी है एक अधूरे अध्याय की खोज- आज दशकों बाद भी यह साफ नहीं है कि राज किरण जिंदा हैं या नहीं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका परिवार और प्राइवेट डिटेक्टिव्स अब भी अमेरिका में उनकी तलाश कर रहे हैं. राज किरण की कहानी फिल्म इंडस्ट्री के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहां सफलता के हजारों साथी होते हैं, लेकिन विफलता के दौर में इंसान बिल्कुल अकेला रह जाता है.