Vivek Agnihotri Supports Sandeep Reddy Vanga: फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार वह 'एनिमल' डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा का सपोर्ट करने के लिए चर्चा में आए हैं। उन्होंने संदीप रेड्डी को खुद का दूसरा रूप बताया है। उन्होंने 'कबीर सिंह' और 'एनिमल' जैसी टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी वाली फिल्मों की आलोचना करने पर कहा कि संदीप बस वही सच दिखा रहे हैं, जो वह समाज में देखते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोग संदीप वांगा की फिल्म की आलोचना इसलिए करते हैं क्योंकि उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा चलती हैं।

क्या ये सच नहीं है?

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए एक इंटरव्यू में विवेक ने संदीप और उनकी फिल्मों को सपोर्ट करते हुए कहा कि इस इंडस्ट्री में संदीप रेड्डी वांगा उनके लिए एक ऐसे डायरेक्टर हैं जिनकी पर्सनैलिटी काफी अलग है। विवेक ने कहा कि संदीप भी मेरी तरह निडर होकर अपनी बात को रखते हैं। अक्सर लोग संदीप की टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी वाली फिल्मों की आलोचना करते हुए उस पर सवाल उठाते हैं, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर असल में समाज के अंदर क्या हो रहा है? क्या ये सच नहीं है? क्या आपके समाज में महिलाओं का सम्मान होता है? संदीप बस फिल्मों में समाज की ये सच्चाई अपने नजरिए से दुनिया को दिखा रहे हैं।

फिल्मों की आलोचना

इसके बाद विवेक ने फिल्म में कहानी कहने के तरीके पर जोर दिया। उन्होंने शेखर कपूर की फिल्म 'बैंडिट क्वीन' को लेकर हुई आलोचना को याद किया। शेखर कपूर की इस फिल्म की कहानी को फूलन देवी के नजरिए से दिखाया गया था। शुरुआत में इसकी काफी आलोचना हुई थी, लेकिन आखिरकार अब इस फिल्म को एक्सेप्ट कर लिया गया है। उन्होंने अपनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को लेकर हुई आलोचना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद कई लोगों ने उन्हें फोन करके बताया कि उन्हें ये फिल्म पसंद आई। यह भी पढ़ें: लीजेंडरी प्रेम नजीर के बेटे का किडनी की बीमारी से निधन, कौन थे मलयालम एक्टर शानवास?

संदीप को पूरा अधिकार है...

विवेक ने संदीप के बारे में बात करते हुए कहा कि वे ये नहीं कह रहे हैं कि संदीप पर पूरा विश्वास है, बल्कि वे बस ये कहना चाहते हैं कि संदीप को पूरा अधिकार है कि वे फिल्म में अपने नजरिए से कहानियां कह सकते हैं। जो भी लोग उनकी फिल्मों और उन्हें गालियां दे रहे हैं, उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर रही हैं। अगर संदीप की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करतीं, तो कोई भी उनकी फिल्म की आलोचना नहीं करता।