The India Story Review: अगर आप मसाला एंटरटेनमेंट की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं तो द इंडिया स्टोरी आपके लिए नहीं है. लेकिन अगर आप ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर सवाल उठाए, तो यह फिल्म जरूर देखी जानी चाहिए.
फिल्म की कहानी योगेश पाटिल (श्रेयस तलपड़े) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी बेटी की कैंसर से मौत हो जाती है. हालांकि योगेश इसे सिर्फ मौत नहीं बल्कि एक हत्या मानता है. इसके बाद एडवोकेट अर्चना (काजल अग्रवाल) इस केस को लड़ती हैं और अदालत में यह साबित करने की कोशिश करती हैं कि बच्ची की मौत उन केमिकल्स और पेस्टिसाइड्स की वजह से हुई, जो रोज़मर्रा के खाने के जरिए हमारे शरीर में पहुंच रहे हैं.
फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका विषय है. आज के समय में खाने में मिलावट और जहरीले रसायनों जैसे मुद्दे पर फिल्म बनाना अपने आप में साहसिक कदम है. यही वजह है कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करती है.
फिल्म का सेकेंड हाफ खास तौर पर काफी प्रभावशाली है. अस्पताल के कई दृश्य बेहद भावुक और परेशान करने वाले हैं, जिन्हें देखकर दर्शक असहज महसूस कर सकते हैं.फिल्म खत्म होने के बाद शायद आप भी कुछ भी खाने से पहले दो बार नहीं, बल्कि सौ बार सोचेंगे.
यह फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सिनेमा समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर लोगों को जागरूक कर सकता है. अगर आप मीनिंगफुल सिनेमा पसंद करते हैं तो द इंडिया स्टोरी आपके लिए एक अच्छी पसंद साबित हो सकती है.
फिल्मी मसाले से ज्यादा सामाजिक संदेश देने वाली इस फिल्म को मेरी तरफ से 4 स्टार